भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय का द्वितीय दीक्षांत समारोह: “गरीबी मिटाने का सबसे सशक्त हथियार है शिक्षा” – राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे

उदयपुर, राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बुधवार को उदयपुर के प्रतिष्ठित भूपाल नोबल्स (बीएन) विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा को समाज की अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के उत्थान का आधार बताते हुए कहा कि गरीबी को दूर करने के लिए शिक्षा ही सबसे प्रभावी माध्यम है।

उपाधियों और पदकों का वितरण

दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया:

  • पीएचडी उपाधि: 90 शोधार्थियों को प्रदान की गई।
  • स्वर्ण पदक (Gold Medals): 47 विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिए गए।
  • कुल डिग्रियां: विभिन्न संकायों के 2025 विद्यार्थियों को स्नातक और स्नातकोत्तर की उपाधियां दी गईं।

मेवाड़ का गौरव और संस्थान का सफर

राज्यपाल ने अपने संबोधन में मेवाड़ के शासक महाराणा भूपाल सिंह की दूरदृष्टि को याद किया। उन्होंने बताया कि कैसे एक साधारण पाठशाला से शुरू हुआ यह संस्थान आज देश का प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय बन गया है। उन्होंने 1945 में महाराणा द्वारा स्थापित औषधालय का उदाहरण देते हुए उनके जनकल्याणकारी कार्यों की सराहना की।

आदिवासी उत्थान और राष्ट्र निर्माण

राज्यपाल बागडे ने विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने कहा:

“मेवाड़ के जनजातीय समुदाय को उच्च शिक्षा से जोड़ना आज के समय की सबसे बड़ी मांग है। जब वंचित वर्ग शिक्षित होगा, तभी ‘विकसित भारत 2047’ का सपना साकार होगा।”

विद्यार्थियों के लिए सफलता का मंत्र

डिग्री प्राप्त करने वाले युवाओं को प्रेरित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि केवल उपाधि लेना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए। सफलता के लिए सीखने का संकल्प और निरंतर अभ्यास अनिवार्य है। उन्होंने प्राचीन ज्ञान केंद्रों जैसे तक्षशिला और नालंदा के वैभव को पुनः स्थापित करने का आह्वान किया।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए बताया कि पिछले 10 वर्षों में सुशासन के कारण 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं, जिसमें शिक्षा और कौशल विकास की बड़ी भूमिका रही है।

Share This Article
Leave a Comment
error: Content is protected !!