अलवर, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने रविवार को अलवर स्थित राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय परिसर में ‘जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र’ (DDRC) का विधिवत उद्घाटन किया। इस केंद्र की स्थापना से जिले के दिव्यांगजनों को अब एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की चिकित्सकीय, तकनीकी और पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
एक ही छत के नीचे मिलेंगी ये सुविधाएं
लोकार्पण के बाद मंत्री श्री शर्मा ने केंद्र का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। इस केंद्र में निम्नलिखित सेवाएं प्रदान की जाएंगी:
- फिजियोथेरेपी एवं ऑक्यूपेशनल थेरेपी: शारीरिक सुधार हेतु विशेष सत्र।
- स्पीच थेरेपी: वाणी दोष सुधारने के लिए विशेषज्ञों की मदद।
- सेरिब्रल पाल्सी (CP) कक्ष: विशेष देखभाल की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए पृथक वार्ड।
- सहायक उपकरण वितरण: श्रवण यंत्र (Hearing Aid), सीपी चेयर, और एमआर किट की उपलब्धता।
“विकलांग” नहीं, “दिव्यांग” के भाव से सशक्तिकरण
मंत्री श्री संजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘विकलांग’ शब्द की जगह ‘दिव्यांग’ शब्द देकर इस समाज में आत्मसम्मान का भाव जगाया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के माध्यम से दिव्यांगों को गतिशीलता प्रदान कर रही है। उन्होंने खुद भी अपनी विधायक निधि से दिव्यांगों को स्कूटी उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।
लोकार्पण के दौरान सहायता वितरण:
- विराट को सीपी चेयर (CP Chair) प्रदान की गई।
- विहान को श्रवण यंत्र (Hearing Aid) दिया गया।
- राहुल को एमआर किट (MR Kit) सौंपी गई।
हेल्पलाइन नंबर जारी
मंथन फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. पीयूष गोस्वामी ने बताया कि दिव्यांगजनों की सहायता के लिए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर 9887162278 जारी किया गया है। कार्यालय समय के दौरान इस नंबर पर फोन कर दिव्यांगजन अपनी समस्याओं और योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इस अवसर पर डीडीआरसी की प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ. सविता गोस्वामी, सीएमएचओ डॉ. योगेन्द्र शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
