अंकारा (तुर्की): अंतरराष्ट्रीय जगत से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आई है। लीबिया (Libya) के मिलिट्री चीफ (Army Chief) और उनके साथ यात्रा कर रहे उच्च स्तरीय सैन्य प्रतिनिधिमंडल का विमान तुर्की की राजधानी अंकारा (Ankara) में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इस हादसे में आर्मी चीफ समेत विमान में सवार सभी 8 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है।
हादसा कैसे और कहाँ हुआ? प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह हादसा तब हुआ जब लीबियाई सैन्य प्रमुख अपने अधिकारियों के साथ एक प्राइवेट जेट के जरिए अंकारा से वापसी के लिए उड़ान भर रहे थे।
- उड़ान का समय: विमान ने अंकारा के एसेनबोगा हवाई अड्डे (Esenboğa Airport) से उड़ान भरी थी।
- क्रैश: टेक-ऑफ के कुछ ही मिनटों बाद विमान का संपर्क राडार से टूट गया और वह अंकारा के बाहरी इलाके में एक खाली मैदान में जा गिरा।
- धमाका: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान के जमीन से टकराते ही एक जोरदार धमाका हुआ और वह आग का गोला बन गया।
मृतकों में कौन-कौन शामिल? तुर्की और लीबियाई अधिकारियों ने हताहतों की सूची जारी की है:
- लीबियाई आर्मी चीफ: (इस मिशन का नेतृत्व कर रहे थे)।
- 4 वरिष्ठ सैन्य अधिकारी: जो उनके साथ एक अहम बैठक के लिए तुर्की आए थे।
- 3 क्रू मेंबर्स: (पायलट, को-पायलट और एक सहायक)।
हादसे की वजह: तकनीकी खराबी? तुर्की के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और रक्षा मंत्रालय ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं।
- प्राथमिक कारण: शुरुआती जांच में हादसे की वजह ‘तकनीकी खराबी’ (Technical Failure) बताई जा रही है। पायलट ने क्रैश से ठीक पहले एटीसी (ATC) को इंजन में गड़बड़ी का संकेत दिया था, लेकिन सेफ लैंडिंग से पहले ही विमान नियंत्रण खो बैठा।
- ब्लैक बॉक्स: जांच टीमों ने घटनास्थल से विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद करने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है, जिससे हादसे की असली वजह सामने आ सकेगी।
लीबिया-तुर्की के लिए बड़ा झटका यह घटना लीबिया और तुर्की दोनों के लिए कूटनीतिक और सैन्य दृष्टि से बड़ा झटका है।
- पृष्ठभूमि: तुर्की और लीबिया के बीच गहरे सैन्य संबंध हैं। तुर्की लीबिया की संयुक्त राष्ट्र समर्थित सरकार को सैन्य प्रशिक्षण और सहायता प्रदान करता रहा है। माना जा रहा है कि आर्मी चीफ इसी सिलसिले में उच्च स्तरीय बैठक के लिए अंकारा आए थे।
- शोक की लहर: लीबियाई सरकार ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। वहीं, तुर्की के राष्ट्रपति भवन ने भी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
निष्कर्ष: लीबियाई सेना के शीर्ष नेतृत्व का इस तरह अचानक जाना देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा शून्य पैदा कर सकता है। फिलहाल, दोनों देशों की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
