सरपंच से ‘सत्ता के शिखर’ तक: जानिए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पूरी कहानी

जयपुर: राजस्थान की राजनीति में एक ऐसा नाम जो सादगी और संघर्ष की मिसाल है— भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma)। दिसंबर 2023 में जब भाजपा ने मुख्यमंत्री के रूप में उनके नाम की घोषणा की, तो यह सियासी गलियारों में एक बड़ा सरप्राइज था। एक जमीनी कार्यकर्ता, जो कभी संगठन के लिए पर्दे के पीछे रहकर काम करता था, आज प्रदेश की कमान संभाल रहा है।

आइए जानते हैं उनके जीवन के हर पहलू को विस्तार से:

1. प्रारंभिक जीवन और जन्म (Early Life)

भजनलाल शर्मा का जन्म 15 दिसंबर 1967 को राजस्थान के भरतपुर जिले की नदबई तहसील के अटारी (Atari) गांव में हुआ था। वे एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं।

  • पिता: श्री किशन स्वरूप शर्मा (पेशे से किसान)
  • माता: श्रीमती गोमती देवी
  • पृष्ठभूमि: उनकी जड़ें ग्रामीण परिवेश से जुड़ी हैं, और राजनीति में आने से पहले उन्होंने खेती-किसानी में भी अपने पिता का हाथ बंटाया है।

2. शिक्षा (Education)

भजनलाल शर्मा ने अपनी स्कूली शिक्षा अपने गांव और नदबई से पूरी की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने जयपुर का रुख किया।

  • स्नातक (BA): एमएसजे कॉलेज, भरतपुर (1989)
  • परास्नातक (MA): राजनीति विज्ञान (Political Science) में राजस्थान विश्वविद्यालय से (1993)

3. राजनीतिक सफर: छात्र राजनीति से सीएम की कुर्सी तक

भजनलाल शर्मा का राजनीतिक करियर 30 साल से ज्यादा पुराना है। उनका सफर ‘एबीवीपी’ (ABVP) से शुरू हुआ।

  • शुरुआत: वे स्कूल के दिनों में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की छात्र शाखा ‘अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद’ (ABVP) से जुड़ गए थे। 1990 में कश्मीर बचाओ आंदोलन में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई और उधमपुर में गिरफ्तारी भी दी।
  • सरपंच का चुनाव: मात्र 27 साल की उम्र में वे अपने गांव अटारी के सरपंच (2000-2005) बने। यह उनकी पहली बड़ी चुनावी जीत थी।
  • संगठन में भूमिका: वे लंबे समय तक संगठन के आदमी (Organization Man) रहे। उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के जिला अध्यक्ष और बाद में भाजपा के प्रदेश महामंत्री (General Secretary) के रूप में चार बार काम किया। संगठन में उनकी पकड़ इतनी मजबूत थी कि वे अमित शाह और जेपी नड्डा जैसे शीर्ष नेताओं के करीबी माने जाते थे।
  • विधायक और मुख्यमंत्री: 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें जयपुर की सांगानेर (Sanganer) सीट से टिकट दिया। यह उनका पहला विधानसभा चुनाव था। उन्होंने कांग्रेस के पुष्पेंद्र भारद्वाज को 48,081 वोटों के बड़े अंतर से हराया।
    • शपथ: 15 दिसंबर 2023 (उनके जन्मदिन के दिन) को उन्होंने राजस्थान के 14वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

4. व्यक्तिगत जीवन (Personal Life)

भजनलाल शर्मा का निजी जीवन बेहद सादा है।

  • पत्नी: श्रीमती गीता शर्मा
  • संतान: उनके दो बेटे हैं— अभिषेक शर्मा और कुणाल शर्मा। बड़ा बेटा अभिषेक पढ़ाई कर रहा है/प्राइवेट जॉब में है और छोटा बेटा कुणाल डॉक्टर है।

5. रोचक तथ्य (Interesting Facts)

  • पहली बार में ही सीएम: भजनलाल शर्मा उन गिने-चुने नेताओं में से हैं जो पहली बार विधायक (First-time MLA) बनते ही सीधे मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे।
  • चाय के शौकीन: उनके करीबी बताते हैं कि वे सादगी पसंद हैं और कार्यकर्ताओं के साथ थड़ी पर चाय पीना पसंद करते हैं।
  • भगवान कृष्ण के भक्त: वे गोवर्धन गिरधारी के परम भक्त हैं और अक्सर गोवर्धन परिक्रमा के लिए जाते रहते हैं।

निष्कर्ष: भजनलाल शर्मा का जीवन यह साबित करता है कि अगर कार्यकर्ता निष्ठावान हो और धैर्य रखे, तो एक सरपंच भी राज्य का मुख्यमंत्री बन सकता है।

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