राजस्थान में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने ‘नारी शक्ति वंदन अभियान’ का भव्य आगाज किया है। रविवार को करौली में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व सांसद जसकौर मीणा ने इस अभियान के उद्देश्यों और रूपरेखा पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि महिला आरक्षण संशोधन बिल के पूर्ण रूप से लागू होने से पूर्व ही भाजपा ने इस पहल के जरिए महिलाओं को जागरूक करने का बीड़ा उठाया है।
गैर-राजनीतिक स्वरूप: न झंडा, न पोस्टर
अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसका नॉन-पॉलिटिकल (गैर-राजनीतिक) स्वरूप है। पूर्व सांसद ने स्पष्ट किया कि इस अभियान के तहत होने वाले किसी भी कार्यक्रम में पार्टी के झंडे या राजनीतिक पोस्टरों का उपयोग नहीं किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य राजनीति से ऊपर उठकर समाज में महिलाओं की भागीदारी के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
“यह अभियान राजनीतिक मंच से हटकर सामाजिक चेतना का प्रतीक बनेगा। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को धरातल पर उतारते हुए मातृशक्ति को वह सम्मान दिलाना चाहते हैं जिसकी वे हकदार हैं।” – जसकौर मीणा, पूर्व सांसद
लोकसभा में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी

प्रेसवार्ता के दौरान महिला आरक्षण के भविष्य के प्रभाव पर भी चर्चा की गई। अभियान के माध्यम से बताया गया कि:
- महिला आरक्षण कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।
- भविष्य में परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 816 होने की संभावना है।
- सीटों की संख्या बढ़ने पर लगभग 273 सीटें सीधे तौर पर महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
बूथ स्तर तक पहुंचेगा अभियान
यह कार्यक्रम केवल जिला मुख्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे मंडल और बूथ स्तर तक ले जाया जाएगा। अभियान के तहत विशेष रूप से निम्नलिखित समूहों को जोड़ा जाएगा:
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
- स्वयं सहायता समूह (SHG)
- विभिन्न सामाजिक संगठन
- स्थानीय महिला संगठन
प्रेसवार्ता में प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर करौली विधायक दर्शन सिंह गुर्जर, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भौरू सिंह जादौन, जिला महामंत्री सुरेश शुक्ला, रुप सिंह मीणा, जिला मीडिया संयोजक मुकेश सालौत्री और भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष आशुतोष तिवारी सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
