स्मार्ट हुआ उदयपुर: फतहपुरा चौराहे पर लगा AI सिग्नल, बिना हेलमेट और हथियार वालों की अब खैर नहीं

झीलों की नगरी उदयपुर ने तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। शहर के व्यस्त फतहपुरा चौराहे पर राजस्थान का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ट्रैफिक सिग्नल लगाया गया है। इस सिस्टम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह पारंपरिक फिक्स टाइमर पर काम नहीं करता, बल्कि सड़क पर मौजूद ट्रैफिक के दबाव को देखकर खुद तय करता है कि किस तरफ की लाइट हरी करनी है।

ट्रायल सफल: 50 लाख वाहनों को मिला फायदा पिछले 4 महीनों से इस सिस्टम का ट्रायल चल रहा था, जिसे अब पूरी तरह सफल घोषित कर दिया गया है। इस दौरान करीब 50 लाख वाहन इस चौराहे से गुजरे। डेटा के अनुसार, जहाँ पहले वाहन चालकों को हर लेन पर 2 से ढाई मिनट का लंबा इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब ट्रैफिक की स्थिति के अनुसार यह समय घटकर मात्र 10 से 60 सेकंड रह गया है।

कैसे काम करता है यह ‘जादुई’ सिग्नल? इस सिस्टम के तहत चौराहे पर हाई-क्वालिटी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो कंप्यूटर विजन तकनीक का उपयोग करते हैं।

  • सेंसर और काउंटिंग: कैमरे हर लेन में खड़ी गाड़ियों की गिनती करते हैं।
  • स्मार्ट स्विचिंग: यदि एक तरफ गाड़ियों की लंबी कतार है और दूसरी तरफ रास्ता खाली है, तो सिस्टम तुरंत खाली सड़क की लाइट लाल कर देता है और भीड़ वाली साइड को ग्रीन सिग्नल दे देता है।
  • बचत: इस तकनीक से न केवल लोगों का समय बच रहा है, बल्कि पेट्रोल की खपत और वायु प्रदूषण में भी भारी कमी दर्ज की गई है।

अपराधियों और नियम तोड़ने वालों पर पैनी नजर आने वाले दिनों में यह एआई सिस्टम और भी ज्यादा हाई-टेक होने वाला है। इसमें कुछ विशेष फीचर्स जोड़े जा रहे हैं:

  1. हथियार डिटेक्शन: यदि कोई व्यक्ति चौराहे पर हथियार लेकर निकलता है, तो एआई कैमरा उसे तुरंत पहचान कर कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेगा।
  2. ऑटोमैटिक चालान: बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और ट्रिपलिंग करने वालों का यह सिस्टम ऑटोमैटिक चालान काटेगा। इसकी विस्तृत रिपोर्ट पुलिस विभाग को सौंप दी गई है और जल्द ही उदयपुर के अन्य प्रमुख चौराहों पर भी इसे लागू करने की योजना है।

स्थानीय कंपनी का कमाल इस अत्याधुनिक सिस्टम को उदयपुर की ही एक स्थानीय कंपनी ने विकसित किया है। कंपनी के प्रतिनिधि उदय शुक्ला ने बताया कि शुरुआत में लोगों को बिना टाइमर वाले सिग्नल से थोड़ी उलझन हुई, लेकिन समय की बचत को देखते हुए अब जनता इसे काफी पसंद कर रही है।


मुख्य बिंदु: क्यों खास है उदयपुर का AI सिग्नल?

  • नो फिक्स टाइमर: ट्रैफिक के हिसाब से लाइट का बदलना।
  • प्रदूषण में कमी: कम वेटिंग टाइम मतलब कम धुआं और कम शोर।
  • सुरक्षा: संदिग्धों और नियम तोड़ने वालों की ऑटोमैटिक पहचान।
  • राजस्थान का गौरव: प्रदेश में पहली बार ऐसी तकनीक का इस्तेमाल।
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