भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने उदयपुर जिले के वल्लभनगर तहसील में रिश्वत मांगने के गंभीर आरोपों के बाद मामला दर्ज किया है। परिवादी की शिकायत पर तहसीलदार एवं राजस्व निरीक्षक (आरआई) के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
एफआईआर के अनुसार, वल्लभनगर तहसील क्षेत्र के निवासी नारायण लाल डांगी ने एसीबी को दी गई अपनी लिखित शिकायत में बताया कि उनकी कृषि भूमि, जो राजस्व ग्राम राणाकुई में स्थित है, रिकॉर्ड में त्रुटिवश गलत श्रेणी में दर्ज हो गई थी। इस त्रुटि के सुधार के लिए उन्होंने 11 फरवरी 2026 को तहसीलदार कार्यालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था।
परिवादी का आरोप है कि प्रार्थना पत्र देने पर तहसीलदार ने स्पष्ट रूप से “खर्चा-पानी” (रिश्वत) की मांग की और कहा कि बिना पैसे दिए कार्य नहीं होगा। साथ ही, तहसीलदार ने मामले की जांच के लिए पटवारी को निर्देशित करते हुए परिवादी को राजस्व निरीक्षक देवेन्द्र सिंह राणावत से संपर्क करने को कहा और उन्हें भी रिश्वत देने के संकेत दिए।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित अधिकारी बिना पैसे लिए किसी का कार्य नहीं करते हैं। परिवादी ने एसीबी से अनुरोध किया कि वह रिश्वत नहीं देना चाहता और आरोपियों को रंगे हाथों पकड़वाना चाहता है। उसने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी किसी प्रकार की व्यक्तिगत रंजिश या लेन-देन का विवाद नहीं है।
एसीबी अधिकारियों ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत रिपोर्ट का परीक्षण कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित) के तहत दर्ज किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, एसीबी इस मामले में आगे ट्रैप कार्रवाई (रंगे हाथ पकड़ने) की योजना भी बना सकती है। फिलहाल, पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
