करौली/दार्जिलिंग | आज के डिजिटल युग में इंटरनेट हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराधों का खतरा भी बढ़ गया है। इसी कड़ी में, सेफर इंटरनेट डे (Safer Internet Day) के अवसर पर पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिला कलेक्ट्रेट में कार्यरत करौली (राजस्थान) के निवासी राहुल सिंहल ने आमजन और राजकीय कर्मियों को जागरूक किया।
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र में आयोजित हुआ कार्यक्रम
दार्जिलिंग जिला कलेक्ट्रेट में अतिरिक्त जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (ADIO) के पद पर कार्यरत राहुल सिंहल ने मंगलवार को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (NIC) में आयोजित एक विशेष सत्र को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक उपस्थित रहे।

साइबर ठगी के नए तरीकों से सावधान रहने की अपील
सत्र के दौरान राहुल सिंहल ने वर्तमान में बढ़ रहे साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों पर जानकारी दी:
- डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest): उन्होंने बताया कि कैसे ठग पुलिस या जांच एजेंसी का डर दिखाकर लोगों को वीडियो कॉल पर बंधक बना लेते हैं और पैसे की उगाही करते हैं।
- ओटीपी स्कैम (OTP Scam): किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी साझा न करने की सख्त हिदायत दी गई।
- ईमेल फ्रॉड और फिशिंग: संदिग्ध लिंक्स और लुभावने ईमेल से बचने के तरीके बताए गए।
- सोशल मीडिया सुरक्षा: अपनी निजी जानकारी को सार्वजनिक न करने और मजबूत पासवर्ड रखने की सलाह दी गई।
सुरक्षा के मंत्र: क्या करें और क्या न करें
राहुल सिंहल ने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के लिए कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां साझा कीं:
- अपने बैंक खातों और सोशल मीडिया के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू रखें।
- अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल से सावधान रहें।
- किसी भी सरकारी योजना या लॉटरी के नाम पर आने वाले संदिग्ध मैसेज पर भरोसा न करें।
- साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें या [संदिग्ध लिंक हटा दिया गया] पर शिकायत दर्ज कराएं।
इस जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इंटरनेट को सभी के लिए, विशेषकर बच्चों और युवाओं के लिए एक सुरक्षित स्थान बनाना था। उपस्थित लोगों ने इस जानकारी को अत्यंत उपयोगी बताया और डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने का संकल्प लिया।
