रणथंभौर: दुर्ग की सीढ़ियों पर आ बैठी बाघिन, सांसें थमीं; 2 घंटे तक बंद रहा त्रिनेत्र गणेश मंदिर का रास्ता

सवाई माधोपुर: रणथंभौर नेशनल पार्क (Ranthambore National Park) में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ऐतिहासिक रणथंभौर दुर्ग के मुख्य द्वार पर एक बाघिन आ धमकी। बाघिन की मौजूदगी के चलते वन विभाग को आनन-फानन में दुर्ग और त्रिनेत्र गणेश मंदिर जाने वाले रास्ते को करीब दो घंटे के लिए बंद करना पड़ा।

नौलखा गेट पर जमा हुई भीड़

जानकारी के अनुसार, बाघिन रिद्धि (T-124) की बेटी RBT-2504 जंगल से निकलकर दुर्ग के ‘नौलखा गेट’ (Naulakha Gate) के पास आ गई थी। वह काफी देर तक वहीं चहलकदमी करती रही और फिर रास्ते में ही बैठ गई। यह देख वहां मौजूद श्रद्धालुओं और पर्यटकों में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा के मद्देनजर वन विभाग के कर्मचारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और पर्यटकों को सुरक्षित दूरी पर रोक दिया।

2 घंटे बाद मिली राहत

करीब दो घंटे तक बाघिन वहीं डटी रही, जिससे किले में प्रवेश पूरी तरह ठप रहा। दोनों तरफ श्रद्धालुओं और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। वन विभाग की टीम लगातार बाघिन की निगरानी (Monitoring) करती रही। जब बाघिन उठकर वापस जंगल की ओर चली गई और रास्ता पूरी तरह सुरक्षित हो गया, तब जाकर पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आगे जाने की अनुमति दी गई।

आए दिन हो रहा मूवमेंट

रणथंभौर दुर्ग और गणेश मंदिर जाने वाला रास्ता टाइगर जोन से होकर गुजरता है। पिछले कुछ समय से यहां बाघों का मूवमेंट काफी बढ़ गया है। इससे पहले बाघिन रिद्धि और उसके अन्य शावक भी कई बार इस रास्ते पर देखे गए हैं, जिससे अक्सर यातायात रोकना पड़ता है।

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