राजस्थान की ‘मुख्यमंत्री युवा संबल योजना’ में जालसाजी का एक बड़ा मामला सामने आया है। अलवर जिले में 10 युवक-युवतियों ने मिलीभगत और दस्तावेजों में हेरफेर कर करीब 5.19 लाख रुपए का बेरोजगारी भत्ता अवैध रूप से उठा लिया। जिला रोजगार कार्यालय की जांच में इस भारी अनियमितता का खुलासा होने के बाद सोमवार को अरावली विहार थाने में सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है।
ऐसे दिया फर्जीवाड़े को अंजाम
जांच में सामने आया कि इन अभ्यर्थियों ने वर्ष 2024 में योजना के लिए आवेदन किया था। इन्होंने अपनी SSO ID के जरिए ‘जॉब सीकर प्रोफाइल’ में अवैध रूप से बदलाव किए।
- दस्तावेजों से छेड़छाड़: अनिवार्य दस्तावेजों को पोर्टल से हटाया गया।
- पहचान में बदलाव: नाम, पता और मोबाइल नंबर तक बदल दिए गए ताकि विभाग को चकमा दिया जा सके।
- गलत जानकारी: पुरुष अभ्यर्थियों के लिए ₹4000 और महिलाओं के लिए ₹4500 प्रति माह की राशि हड़पने के लिए फर्जी डेटा फीड किया गया।
नोटिस लौटे बैरंग, भौतिक सत्यापन में खुला राज
रोजगार विभाग ने जब संदिग्धों को 17 मार्च, 2026 को नोटिस भेजे, तो डाक विभाग ने ‘प्राप्तकर्ता नहीं मिला’ लिखकर पत्र वापस कर दिए। जब टीम ने भौतिक सत्यापन किया, तो पोर्टल पर दिए गए पते पूरी तरह फर्जी पाए गए।
बैंक जांच ने पकड़ी चोरी: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की आर्य नगर शाखा के खातों की जांच में पता चला कि कई आवेदक अलवर के निवासी ही नहीं थे, बल्कि वे दौसा जिले के रहने वाले थे।
इनसे होगी वसूली (रिकवरी लिस्ट)
प्रशासन ने इन 10 आरोपियों से वसूली जाने वाली राशि की सूची जारी कर दी है:
| नाम | वसूली जाने वाली राशि (₹) |
| लाडो उर्फ रीना सैनी | 70,650 |
| धर्मेंद्र सिंह बलाई | 65,419 |
| कृष्ण कुमार प्रजापत | 65,419 |
| गीता सैनी | 61,650 |
| कौशल्या राजपूत | 57,194 |
| विजयपाल सैनी | 50,968 |
| दिनेश सैनी | 50,000 |
| राजेश कुमार सैनी | 42,800 |
| पिंकल कंवर | 37,800 |
| रमेशचंद सैनी | 17,419 |
जांच का दायरा बढ़ने की उम्मीद
जिला रोजगार अधिकारी के अनुसार, अभी 58 संदिग्धों की जांच चल रही है, जिनमें से 10 के खिलाफ मामला दर्ज हो चुका है। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या इस फर्जीवाड़े के पीछे कोई संगठित गिरोह या ई-मित्र कियोस्क संचालक शामिल है।
