वन क्षेत्रों में मौजूद ऐतिहासिक विरासतों का होगा कायाकल्प, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा: वन्यजीव संरक्षण के लिए बनेगा नया प्रोटोकॉल

जयपुर: राजस्थान सरकार प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बड़े बदलाव करने जा रही है। शासन सचिवालय में आयोजित राज्य वन्यजीव मंडल की स्थायी समिति की 7वीं बैठक में वन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने कई अहम फैसले लिए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि अब वन विभाग अपनी ‘वाइल्डलाइफ इंटेलिजेंस’ को इतना सशक्त बनाएगा कि पुलिस पर निर्भरता कम हो सके।

वन्यजीवों की निगरानी के लिए बनेगी ‘स्पेशल सेल’ मंत्री संजय शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संरक्षित वन क्षेत्रों में वन्यजीवों की पल-पल की खबर रखने के लिए एक ‘विशेष सेल’ (Special Cell) का गठन किया जाए। यह सेल नियमित रूप से विभाग को रिपोर्ट सौपेगी। साथ ही, मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर उसे सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

ऐतिहासिक इमारतों से बढ़ेगा पर्यटन बैठक में वन क्षेत्रों के भीतर स्थित पुरानी ऐतिहासिक इमारतों, स्मारकों और शिकार हॉल (Hunting Halls) के संरक्षण पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि इन स्थलों को चिन्हित कर पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाए। इससे न केवल विरासत सुरक्षित रहेगी, बल्कि पर्यटन बढ़ने से राजस्व भी मिलेगा।

भ्रामक खबरों पर लगेगी लगाम अक्सर वन्यजीवों की मौत पर फैलने वाली अफवाहों को रोकने के लिए अब नई व्यवस्था होगी। किसी भी वन्यजीव की मृत्यु होने पर विभाग तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तथ्यात्मक जानकारी साझा करेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार ने कहा कि मृत्यु के बाद विभागीय स्तर पर स्पष्ट प्रोटोकॉल निर्धारित होना चाहिए।

गांवों में हर महीने होगी बैठक वन क्षेत्रों से सटे गांवों के लोगों की समस्याएं सुनने और उन्हें जागरूक करने के लिए अब हर महीने अधिकारियों को ग्रामीणों के साथ बैठक करनी होगी। साथ ही ‘फॉरेस्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोग्राम’ के जरिए स्थानीय लोगों को आजीविका के अवसर दिए जाएंगे। बैठक में विशेष रूप से ‘कैरकल’ (Caracal) संरक्षण के प्रयासों की भी समीक्षा की गई।

बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक पवन कुमार उपाध्याय, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक के.सी.ए. अरुण प्रसाद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और समिति सदस्य मौजूद रहे।

Share This Article
Leave a Comment
error: Content is protected !!