जयपुर (SOG मुख्यालय)। राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले गिरोहों के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) का एक्शन लगातार जारी है। वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) द्वितीय श्रेणी प्रतियोगी परीक्षा-2022 में असली अभ्यर्थियों की जगह डमी अभ्यर्थी बैठाने के बड़े मामले में एसओजी ने एक और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसओजी प्रमुख विशाल बंसल के निर्देशन में टीम ने देश के अलग-अलग कोनों में एक साथ दबिश देकर 10-10 हजार रुपये के 5 इनामी डमी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया है।
अंडमान और कोलकाता तक जुड़े तार एसओजी की यह कार्रवाई केवल राजस्थान तक सीमित नहीं रही। टीम ने आरोपियों को पकड़ने के लिए अंडमान, कोलकाता, जालौर, कोटा और जयपुर सहित कुल 6 ठिकानों पर छापेमारी की। यह नेटवर्क कितना गहरा था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए सुदूर अंडमान तक जा छिपे थे।
इन 5 इनामी आरोपियों की हुई गिरफ्तारी एसओजी द्वारा गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी 10-10 हजार रुपये के इनामी थे। इनकी पहचान इस प्रकार हुई है:
- महेश कुमार बिश्नोई
- महिपाल बिश्नोई
- सही राम
- हनुमाना राम
- निवास कुराडा उर्फ प्रिंस
अब तक 26 गिरफ्तार, जांच का दायरा बढ़ा एसओजी के अधिकारियों ने बताया कि प्रकरण संख्या 38/2023 के तहत इस मामले में अब तक गिरफ्तारियों का आंकड़ा 26 तक पहुंच चुका है। इसमें शामिल हैं:
- मूल अभ्यर्थी: 12
- डमी परीक्षार्थी: 9
- मध्यस्थ (दलाल): 5
डिग्रियों और नौकरी की होगी जांच एसओजी प्रमुख विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की वर्तमान नियुक्तियों और उनकी शैक्षणिक डिग्रियों के सत्यापन की गहन जांच की जाएगी। आशंका है कि इन आरोपियों ने अन्य परीक्षाओं में भी फर्जीवाड़ा किया हो सकता है। इसके साथ ही, फरार चल रहे शेष डमी परीक्षार्थियों और मध्यस्थों की पहचान कर उन्हें शीघ्र गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
