जयपुर : राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने राज्य की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और प्रशासनिक कड़ियों को जोड़ने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा ने 13 फरवरी 2026 को एक आधिकारिक आदेश जारी कर सब-इंस्पेक्टर (SI) स्तर के अधिकारियों को थाना प्रभारी (SHO) नियुक्त करने की अनुमति दे दी है।
यह निर्णय प्रदेश में निरीक्षकों (इंस्पेक्टर्स) की भारी कमी को देखते हुए लिया गया है, ताकि थानों का संचालन सुचारू रूप से हो सके।

इन 3 शर्तों को पूरा करने वाले SI ही बनेंगे SHO:DGP के आदेशानुसार, हर सब-इंस्पेक्टर को थाना प्रभारी नहीं बनाया जाएगा। इसके लिए कुछ कड़े मापदंड तय किए गए हैं:
- 5 साल का अनुभव अनिवार्य: केवल वही सब-इंस्पेक्टर SHO बन सकेंगे, जिनके पास इस पद पर कम से कम 5 वर्ष का अनुभव होगा।
- अपराध का भार: यह व्यवस्था केवल उन थानों में लागू होगी जहाँ वार्षिक आपराधिक मामलों (FIR) की संख्या 250 से कम है।
- मुख्यालय से दूरी: जिला या उपखंड मुख्यालय वाले थानों के बजाय, ग्रामीण या बाहरी इलाकों के थानों में SI को प्राथमिकता दी जाएगी। बड़े और संवेदनशील थानों में इंस्पेक्टर ही कमान संभालेंगे।
रेंज स्तर पर होगी स्क्रीनिंग आदेश में स्पष्ट है कि नियुक्तियों में पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए संबंधित रेंज के ADG और IG के अनुमोदन के बाद ही किसी सब-इंस्पेक्टर को थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
क्यों बदला फैसला? गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही DGP ने सभी सब-इंस्पेक्टर्स को थाना प्रभारी के पद से हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जयपुर कमिश्नरेट सहित प्रदेशभर के कई थानों से SI को हटा दिया गया था। लेकिन इंस्पेक्टर्स की कमी के कारण थानों के संचालन में आ रही दिक्कतों को देखते हुए अब नियमों में बदलाव कर यह नई व्यवस्था लागू की गई है।
