नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही राजस्थान सरकार ने प्रदेश की जनता को ‘महंगाई का करंट’ दिया है। आबकारी विभाग (Excise Department) ने शराब और बियर की कीमतों में 8 से 10 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी की आधिकारिक घोषणा कर दी है। सरकार की नई अधिसूचना के बाद अब गुलाबी नगरी से लेकर मरूधरा के हर कोने में जाम छलकाना काफी महंगा पड़ेगा।
जेब पर कितना बढ़ा बोझ? (सटीक रेट लिस्ट)
सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए आबकारी ड्यूटी (Excise Duty) में 5% की वृद्धि करते हुए इसे 75% से बढ़ाकर 80% कर दिया है। इस बदलाव के बाद नई दरें कुछ इस प्रकार रहने की संभावना है:
- बियर (Beer): प्रति बोतल की कीमत में अब करीब 15 से 20 रुपये तक की बढ़ोतरी होने जा रही है।
- अंग्रेजी शराब (IMFL): ब्रांड और बजट के अनुसार कीमतों में बड़ा इजाफा होगा। उदाहरण के लिए, 1000 रुपये की शराब की बोतल अब बढ़कर लगभग 1100 रुपये तक पहुँच सकती है।
- राजस्व संग्रह: सरकार ने एक्साइज ड्यूटी और ‘एक्स डिस्टिलरी प्राइस’ (EDP) में यह बदलाव मुख्य रूप से राजस्व बटोरने के उद्देश्य से किया है।
एक्सपोज़ नाउ का बड़ा खुलासा: राजस्व का लालच या मजबूरी?
सूत्रों की मानें तो इस बढ़ोतरी के पीछे सरकार का लक्ष्य आगामी वर्षों में राजस्व में बड़ी वृद्धि सुनिश्चित करना है। आबकारी विभाग जल्द ही दुकानों के लिए विस्तृत रेट लिस्ट जारी करने वाला है, लेकिन उससे पहले ही गोदामों में स्टॉक की चेकिंग और निगरानी शुरू हो चुकी है ताकि कोई भी पुरानी दरों पर माल डंप कर अवैध मुनाफा न कमा सके।
“सरकार एक तरफ नशा मुक्ति की बात करती है, लेकिन दूसरी तरफ आबकारी को अपनी कमाई का सबसे बड़ा जरिया बना लिया है। करोड़ों की भारी-भरकम कमाई के बाद भी जनता पर यह अतिरिक्त बोझ क्यों?” > — Expose Now विश्लेषण
