जयपुर, राजस्थान में निवेश और व्यापार प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की तीन महत्वपूर्ण नीतियों— ODOP, निर्यात प्रोत्साहन और MSME नीति के लिए अब आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। 1 फरवरी 2026 से प्रभावी हुई इस व्यवस्था के बाद अब उद्यमियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
डिजिटलाइजेशन से बढ़ेगी पारदर्शिता: आयुक्त सुरेश कुमार ओला
उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त सुरेश कुमार ओला ने बताया कि अब आवेदक अपनी SSO ID या ई-मित्र के माध्यम से घर बैठे आवेदन कर सकेंगे। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदक अपने आवेदन की स्थिति (Status) की रियल टाइम जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब जिला महाप्रबंधक स्तर पर कोई भी ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इन तीन नीतियों का मिलेगा लाभ:
1. एक जिला एक उत्पाद (ODOP) नीति-2024
प्रदेश के 41 जिलों के विशिष्ट उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए यह नीति लागू है।
- सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को 20 लाख रुपये तक का मार्जिन मनी अनुदान।
- सॉफ्टवेयर और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी पर 5 लाख रुपये तक की सहायता।
- ई-कॉमर्स और क्वालिटी सर्टिफिकेशन पर भी आर्थिक मदद का प्रावधान।
2. राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन नीति-2024
उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्यातक बनाने के लिए सहायता।
- तकनीकी अपग्रेडेशन पर अधिकतम 50 लाख रुपये की सहायता।
- दस्तावेजीकरण पर 5 लाख और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भाग लेने पर 3 लाख रुपये तक का अनुदान।
3. राजस्थान एमएसएमई (MSME) नीति-2024
छोटे उद्यमियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती प्रदान करने के लिए।
- ऋण पर अतिरिक्त 2% ब्याज अनुदान।
- SME एक्सचेंज के माध्यम से धन जुटाने पर 15 लाख रुपये तक की मदद।
- डिजिटल उपकरणों और ई-कॉमर्स फीस पर भी पुनर्भरण की सुविधा।
निवेश सरलीकरण में अग्रणी राजस्थान
आयुक्त ने कहा कि राज्य सरकार निवेश प्रक्रिया के सरलीकरण और डिजिटलाइजेशन पर निरंतर कार्य कर रही है, जिससे राजस्थान देश में व्यापार स्थापना (Ease of Doing Business) के मामले में अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
