जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार प्रदेश के अन्नदाताओं और ग्रामीणों को सशक्त बनाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (GRAM)-2026’ के भव्य आयोजन से पहले, राज्य के सभी 2,839 गिरदावर सर्किलों पर ‘ग्राम उत्थान शिविरों’ का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘GYAN’ (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारीशक्ति) मंत्र को धरातल पर उतारना है।
दो चरणों में आयोजित होंगे 10 दिवसीय शिविर
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, ये शिविर दो चरणों में आयोजित होंगे। शिविरों का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा:
- प्रथम चरण: बसंत पंचमी (23 जनवरी) से शुरू होकर 24, 25 और 31 जनवरी को आयोजित होगा।
- द्वितीय चरण: 1 फरवरी और 5 से 9 फरवरी तक संचालित किया जाएगा।
- विशेष: शिविरों से एक दिन पहले यानी 22 जनवरी को ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को इन कैंपों की जानकारी दी जाएगी।
किसानों को क्या-क्या मिलेगा?
इन शिविरों में कृषि और पशुपालन से जुड़ी कई योजनाओं का लाभ सीधे मौके पर दिया जाएगा:
- कृषि उपकरण और बुनियादी ढांचा: तारबंदी, पाइपलाइन, फार्म पौण्ड, फव्वारा, ड्रिप सिंचाई और प्लास्टिक मल्च की स्वीकृतियां।
- सौर ऊर्जा: सौर पंप संयंत्र (Solar Pump) की स्वीकृति और प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का पंजीकरण।
- वित्तीय सहायता: किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), सॉइल हेल्थ कार्ड और मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के आवेदनों का निस्तारण।
- पशुपालन: मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना में पंजीकरण, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और फर्टिलिटी किट का वितरण।
12 विभागों का महासंगम: एक ही छत के नीचे समाधान
ग्रामीणों की सुविधा के लिए इन शिविरों में 12 प्रमुख विभाग शामिल होंगे। इनमें कृषि (नोडल विभाग), उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी, सहकारिता, जल संसाधन, ऊर्जा, उद्योग और पंचायती राज जैसे विभाग शामिल हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य लाभ
शिविरों के दौरान न केवल खेती-किसानी बल्कि ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं पर भी काम होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्मित आवासों में लाभार्थियों का गृहप्रवेश कराया जाएगा। साथ ही स्वामित्व कार्डों का वितरण और ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना’ का सर्वे कार्य भी पूरा किया जाएगा।
प्रभारी सचिव करेंगे निगरानी
शिविरों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रभारी सचिवों को नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। जिला कलेक्टरों द्वारा जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जो व्यवस्थाओं का प्रबंधन करेंगे।
GRAM-2026 की तैयारी: ये शिविर ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट’ के लिए एक आधार तैयार करेंगे, जिसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसान नई तकनीकों पर मंथन करेंगे।
