विविधता में एकता हमारी विशेषता, ‘राष्ट्र प्रथम’ की सोच के साथ बढ़ें आगे: राज्यपाल हरिभाऊ बागडे

जयपुर, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा है कि भारत ‘विविधता में एकता’ की अनुपम मिसाल है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे ‘राष्ट्र प्रथम’ की सोच को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाकर निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हों। राज्यपाल रविवार को जयपुर स्थित राजभवन (लोक भवन) में ‘भारत दर्शन अभियान’ के तहत आए कश्मीर के विद्यार्थियों के एक दल को संबोधित कर रहे थे।

कश्मीरी छात्रों से संवाद और भारत यात्रा के अनुभव

सीमा सुरक्षा बल (BSF) द्वारा आयोजित इस अभियान के तहत जम्मू-कश्मीर के बारामुला जिले के 21 विद्यार्थियों ने डिप्टी कमांडेंट सरोज कुमार झा के नेतृत्व में राज्यपाल से मुलाकात की। राज्यपाल ने बड़े ही स्नेह के साथ विद्यार्थियों से संवाद किया और उनकी भारत यात्रा के अनुभवों को सुना।

राज्यपाल श्री बागडे ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा:

“हमारा देश ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना से ओत-प्रोत है। विभिन्न संस्कृतियों और भाषाओं के बावजूद हम सब एक हैं। आप सभी देश के भावी कर्णधार हैं, इसलिए राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।”

‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की अनूठी पहल

‘भारत दर्शन अभियान’ का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को देश की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक विविधता और विकास के विभिन्न आयामों से परिचित कराना है। राज्यपाल ने इस यात्रा को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए मील का पत्थर बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने भी राजस्थान की मेहमाननवाजी और यहाँ के ऐतिहासिक स्मारकों को लेकर अपना उत्साह साझा किया। कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

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