जयपुर: राजस्थान ने ‘हर घर जल’ के संकल्प को हकीकत में बदलने की दिशा में मंगलवार को एक और स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। प्रदेश, जल जीवन मिशन 2.0 (JJM 2.0) की नई गाइडलाइन्स के तहत केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के साथ एमओयू (MOU) करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
दिल्ली में हुआ ऐतिहासिक समझौता
यह एमओयू नई दिल्ली स्थित जल शक्ति मंत्रालय में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (PHED) मंत्री कन्हैया लाल की गरिमामयी उपस्थिति में हस्ताक्षरित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और राजस्थान के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) श्री अखिल अरोड़ा भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने जताया प्रधानमंत्री का आभार
एमओयू के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश की जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए केंद्र से विशेष आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि यह एमओयू राजस्थान की जल आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक “गेम चेंजर” साबित होगा।
मिशन 2.0: क्या बदलेगा राजस्थान में?
- ग्रामीण क्षेत्रों पर फोकस: दूरस्थ ढाणियों और गांवों तक शुद्ध पेयजल की पहुंच सुनिश्चित होगी।
- महिलाओं को बड़ी राहत: पानी के लिए मीलों पैदल चलने वाली महिलाओं का दैनिक जीवन सुगम और सुरक्षित बनेगा।
- पारदर्शिता और जवाबदेही: मिशन के विस्तारित स्वरूप के तहत अब लक्ष्य प्राप्ति और सेवा की गुणवत्ता में पारदर्शिता बढ़ेगी।
- नियमित जलापूर्ति: प्रत्येक ग्रामीण परिवार को केवल नल कनेक्शन ही नहीं, बल्कि नियमित और शुद्ध जल मिलना सुनिश्चित होगा।
उल्लेखनीय है कि डबल इंजन की सरकार इस मिशन को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए मिशन मोड पर काम कर रही है। राजस्थान का पहला राज्य बनना यह दर्शाता है कि प्रदेश सरकार जल संकट के स्थायी समाधान के लिए कितनी गंभीर है।
