जयपुर। राजस्थान में आगामी गर्मी के सीजन में बिजली की संभावित भारी मांग को देखते हुए भजनलाल सरकार ने अभी से कमर कस ली है। मंगलवार को विद्युत भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के उपभोक्ताओं को निर्बाध (Non-stop) बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
बढ़ती मांग का सटीक आकलन और बैकअप प्लान
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस वर्ष गर्मी की तीव्रता अधिक रहने के आसार हैं, जिससे बिजली की डिमांड में बड़ा उछाल आ सकता है। इसके प्रबंधन के लिए सरकार दोहरे स्तर पर काम कर रही है:
- केंद्रीय पूल से मदद: पिछले वर्ष की तरह इस बार भी भारत सरकार के कॉमन पूल से 750 मेगावाट तक का कोटा प्राप्त करने के प्रयास किए जाएंगे।
- बिजली खरीद की तैयारी: ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिए कि अप्रैल से मई माह के बीच बिजली की कमी न हो, इसके लिए ‘एक्सचेंज’ से लघु अवधि आधार पर बिजली खरीदने की निविदा (Tender) प्रक्रिया समय रहते पूरी कर ली जाए।
थर्मल यूनिट्स का होगा ‘हेल्थ चेकअप’
अतिरिक्त मुख्य सचिव (ऊर्जा) अजिताभ शर्मा ने उत्पादन निगम को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी थर्मल पावर प्लांट की यूनिटों का बेहतर रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए।
- ट्रिपिंग पर रोक: अनावश्यक तकनीकी खराबी या ट्रिपिंग को कम करने के लिए मेंटेनेंस पर जोर दिया गया है।
- बैटरी स्टोरेज: ऊर्जा भंडारण प्रणाली (Battery Energy Storage System) के कार्यों में तेजी लाने को कहा गया है ताकि पीक आवर्स में बिजली संकट न आए।
किसानों को दिन के दो ब्लॉक में मिलेगी बिजली
बैठक के दौरान जोधपुर डिस्कॉम की ओर से एक विशेष प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसमें बताया गया कि कुछ सब-स्टेशनों पर ‘ऊर्जा भंडारण प्रणाली’ का उपयोग कर कृषि उपभोक्ताओं को दिन के समय दो अलग-अलग ब्लॉकों में बिजली दी जाएगी, जिससे किसानों को रात की कड़कड़ाती ठंड या असुविधा से राहत मिल सके।
“हमारा लक्ष्य है कि गर्मी के चरम समय में भी राजस्थान का कोई भी कोना अंधेरे में न रहे। उत्पादन से लेकर वितरण तक, हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।” — हीरालाल नागर, ऊर्जा मंत्री
