ऊर्जा मंत्री का बड़ा ऐलान: बिजली विभाग मुख्य परीक्षा में पहली बार होगा ‘आधार’ सत्यापन, जानें सिलेबस और सुरक्षा के नए नियम

जयपुर, राजस्थान राज्य के विद्युत निगमों (उत्पादन, प्रसारण और तीनों डिस्कॉम) में तकनीशियन-तृतीय, ऑपरेटर-तृतीय और प्लांट अटेंडेन्ट-तृतीय के कुल 2,163 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए मुख्य परीक्षा का रास्ता साफ हो गया है। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की युवाओं को पारदर्शी रोजगार देने की प्रतिबद्धता के तहत यह परीक्षा 23 फरवरी 2026 को दो पारियों में आयोजित की जाएगी।

आधार सत्यापन और AI तकनीक का पहरा

इस बार परीक्षा में नकल और फर्जी अभ्यर्थियों (डमी कैंडिडेट) को रोकने के लिए विभाग ने देश की सबसे आधुनिक सुरक्षा तकनीकों को अपनाया है:

  • आधार सत्यापन: राजस्थान में पहली बार विद्युत निगम की परीक्षा में प्रत्येक अभ्यर्थी का ‘आधार’ के जरिए रियल-टाइम सत्यापन किया जाएगा।
  • AI और फेस मैचिंग: आवेदन के समय अपलोड की गई फोटो, प्रारंभिक परीक्षा के दौरान ली गई फोटो और मुख्य परीक्षा की लाइव फोटो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से मैच किया जाएगा।
  • IRIS और बायोमेट्रिक: अंगूठे के निशान और हस्ताक्षर के साथ-साथ आँखों की पुतलियों (IRIS Scan) का भी मिलान होगा।
  • CCTV निगरानी: परीक्षा केंद्रों के हर कमरे में सीसीटीवी कैमरों से लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी।

मुख्य परीक्षा का पैटर्न और सिलेबस

अभ्यर्थी निगमों की आधिकारिक वेबसाइट पर विस्तृत सिलेबस देख सकते हैं। परीक्षा की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • कुल प्रश्न: 150 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)।
  • समयावधि: 2 घंटे।
  • नेगेटिव मार्किंग: गलत उत्तर देने पर अंक काटे जाएंगे।
  • कुल शॉर्टलिस्ट अभ्यर्थी: प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम के आधार पर करीब 23,789 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पात्र माना गया है। (ग्रुप-I में 22,893, ग्रुप-II में 360, ग्रुप-III में 175 और ग्रुप-IV में 361 अभ्यर्थी)।

भर्ती प्रक्रिया का अब तक का सफर

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार अगस्त 2025 में आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसके बाद 24 से 27 नवंबर 2025 तक प्रारंभिक परीक्षाएं आयोजित की गईं, जिनका परिणाम जनवरी 2026 में घोषित किया गया। अब मुख्य परीक्षा के माध्यम से अंतिम चयन सूची तैयार की जाएगी।

Share This Article
Leave a Comment
error: Content is protected !!