डेयरी क्षेत्र बनेगा किसानों की आय का आधार: सीएम भजनलाल ने दिए अन्य राज्यों में भी ‘सरस’ आउटलेट खोलने के निर्देश

राजस्थान में डेयरी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में डेयरी सेक्टर के विस्तार, सरस (Saras) ब्रांड को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी है डेयरी सेक्टर मुख्यमंत्री ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि डेयरी क्षेत्र राजस्थान की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत धुरी है। यह न केवल किसानों और दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस क्षेत्र के सशक्त होने से ग्रामीण परिवारों को आर्थिक स्थिरता प्राप्त होगी।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और संग्रहण क्षमता पर जोर सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में दुग्ध संग्रहण (Milk Collection) और प्रसंस्करण (Processing) से जुड़ी अवसंरचना को आधुनिक और मजबूत बनाया जाए। उन्होंने दुग्ध सहकारी समितियों के विस्तार और संकलन की औसत क्षमता बढ़ाने के लिए ठोस लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। साथ ही, डेयरी क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों को अपनाने पर भी विशेष बल दिया गया।

सरस की होगी नेशनल ब्रांडिंग मुख्यमंत्री ने ‘सरस’ उत्पादों की ब्रांडिंग को लेकर विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:

  • सरस को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
  • राजस्थान के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर विशेष आउटलेट्स खोले जाएं।
  • अन्य राज्यों में भी सरस आउटलेट खोलने की संभावनाएं तलाशी जाएं ताकि राजस्थान के उत्पादों की पहुंच देशभर में हो सके।

मिलावट के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ शुद्धता और गुणवत्ता को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दुग्ध उत्पादों में मिलावट के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। इसके लिए अत्याधुनिक मिल्क टेस्टिंग मशीनों और रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जाएगा।

आरसीडीएफ के मुनाफे में वृद्धि बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले दो वर्षों में राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) के मुनाफे में लगातार बढ़ोतरी हुई है। दुग्ध संकलन और विपणन में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। बैठक के दौरान पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सरकार का अंतिम लक्ष्य सहकारिता के माध्यम से डेयरी क्षेत्र को संगठित और प्रतिस्पर्धी बनाकर किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है।

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