जयपुर, राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शुक्रवार को शासन सचिवालय में कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता विभाग के हितधारकों के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद बैठक की। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के प्रति गंभीर है और अगले पांच वर्षों में 10 लाख रोजगार सृजित करने के संकल्प पर तेजी से काम कर रही है।
रोजगार का रोडमैप: 4 लाख सरकारी और 6 लाख निजी नौकरियां
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को बेहतर शिक्षा और कौशल विकास के अवसर देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सरकार के संकल्प को दोहराते हुए बताया:
- सरकारी क्षेत्र: समयबद्ध और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से 4 लाख सरकारी नौकरियां।
- निजी क्षेत्र: उद्योगों के साथ समन्वय कर 6 लाख रोजगार के अवसर।
आईटीआई और उद्योगों का समन्वय (Industry-ITI Linkage)
मुख्य सचिव ने आईटीआई (ITI) संस्थानों और उद्योगों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि:
- व्यावहारिक ज्ञान: आईटीआई संस्थानों को उद्योगों से जोड़ा जाए ताकि विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि काम का व्यावहारिक अनुभव भी मिल सके।
- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: प्रदेश के चुनिंदा आईटीआई को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कर ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जाए।
- नवाचार: अन्य राज्यों की सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (Best Practices) का अध्ययन कर उन्हें राजस्थान में लागू किया जाए।
झालावाड़ आईटीआई की सराहना
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने झालावाड़ आईटीआई के उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रशंसा की। उन्होंने अन्य संस्थानों के प्राचार्यों को निर्देश दिए कि वे भी इसी प्रकार के नवाचार अपनाएं और शिक्षा के स्तर में सुधार करें। साथ ही, उन्होंने सभी आईटीआई को अपने यहाँ होने वाले दीक्षांत समारोहों की जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित करने को कहा ताकि अधिक से अधिक युवा प्रेरित हो सकें।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव संदीप वर्मा, प्रमुख शासन सचिव भवानी सिंह देथा, शासन सचिव पी. रमेश, वित्त सचिव (व्यय) टीना सोनी और आयुक्त रिशव मंडल सहित प्रदेशभर के आईटीआई प्राचार्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
