जनगणना 2027: राजस्थान में 1 मई से महाभियान; गलत जानकारी या बाधा डालने पर होगी 3 साल की जेल

देश के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण सांख्यिकीय अभियान ‘जनगणना-2027’ के लिए राजस्थान पूरी तरह तैयार है। एक मई से शुरू होने जा रहे इस महाअभियान को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जनगणना कार्य में बाधा पहुँचाता है या जानबूझकर गलत जानकारी देता है, तो उसे तीन साल की जेल और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा हो सकती है।

डिजिटल और पेपरलेस होगी गणना

इस बार की जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाली है। इसे पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाया गया है। राजस्थान में इस कार्य के लिए लगभग 1 लाख 80 हजार प्रगणक (Enumerators) और सुपरवाइजर तैनात किए जाएंगे। इसमें 10 प्रतिशत कर्मचारियों को रिजर्व रखा जाएगा ताकि कार्य निर्बाध रूप से चलता रहे।

प्रशिक्षण का आगाज और मुख्य तिथियां

जनगणना के सुचारू संचालन के लिए 103 मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए हैं, जो लगभग 2500 फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षित करेंगे। इस चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का शुभारंभ मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास मंगलवार को ओटीएस (OTS) परिसर में करेंगे। इस अवसर पर ओटीएस की महानिदेशक श्रेया गुहा, आयोजना विभाग के प्रमुख सचिव भवानी सिंह देथा और जनगणना कार्य निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक भी उपस्थित रहेंगे।

दो चरणों में पूरा होगा काम जनगणना का पहला चरण दो हिस्सों में विभाजित किया गया है:

  1. स्व-गणना (1 मई से 15 मई): नागरिक आधिकारिक पोर्टल census.gov.in पर जाकर स्वयं अपने परिवार की जानकारी (33 प्रश्न) ऑनलाइन भर सकेंगे। पहले दिन राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य उच्चाधिकारियों की गणना की जाएगी।
  2. फील्ड सर्वे (16 मई से 14 जून): प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। जिन लोगों ने स्व-गणना कर ली है, उन्हें केवल अपनी ‘यूनिक आईडी’ दिखानी होगी।

स्व-गणना की प्रक्रिया

नागरिकों को पोर्टल पर जाकर ‘Self-Enumeration’ विकल्प चुनना होगा। राज्य का चयन करने और मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के जरिए लॉगिन करने के बाद परिवार से संबंधित 33 सवालों के जवाब देने होंगे। प्रक्रिया पूरी होने पर एक स्लिप जनरेट होगी, जिसे संभाल कर रखना अनिवार्य है।

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