जयपुर। राजस्थान विधानसभा में सोमवार, 23 फरवरी 2026 को प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त तकरार देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की पहले शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और फिर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत के साथ तीखी बहस हुई। सदन का माहौल तब और गरमा गया जब मंत्री ने सदन में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी को लेकर एक टिप्पणी की।
स्कूटी वितरण योजना पर गरमाया माहौल
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान बगरू से भाजपा विधायक कैलाश वर्मा ने दिव्यांगों के लिए स्कूटी वितरण योजना में हो रही देरी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने पूछा कि देरी के कारण बढ़ी हुई लागत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। मंत्री अविनाश गहलोत के जवाब से विधायक संतुष्ट हो गए थे, लेकिन जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस पर पूरक प्रश्न पूछा, तो बहस शुरू हो गई।
“इनका क्या लेना-देना है?

“ मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने जूली के सवाल पर आपत्ति जताते हुए पूछा कि बगरू क्षेत्र के सवाल से उनका क्या लेना-देना है। इस पर जूली उखड़ गए और कहा कि स्कूटी का मामला पूरे प्रदेश का है और समय पर वितरण न होने से लागत बढ़ गई है, इसके लिए अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
अशोक गहलोत का नाम आने पर मचा बवाल
बहस के बीच मंत्री अविनाश गहलोत ने टिप्पणी की, “मुझे ऐसा लगता है कि आज कॉम्पिटिशन चल रहा है सवाल पूछने का क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत साहब आज सदन में आए हैं”।
यह सुनते ही टीकाराम जूली अपनी सीट से खड़े हो गए और कड़े शब्दों में विरोध जताते हुए कहा:
“मजाक बना रखा है! जो पूछा जा रहा है उसका जवाब दें, तो कह रहे हैं कि गहलोत साहब आ गए। विधानसभा का मज़ाक बना रखा है, बकवास करवा लो!”
जवाब में मंत्री अविनाश गहलोत ने भी तेज आवाज में कहा कि “ज्यादा तेज आवाज में बात नहीं करिए, ज्यादा तेज आवाज से झूठ सच नहीं होता है”। सदन में हुई इस भिड़ंत के कारण कुछ देर के लिए कार्यवाही में व्यवधान आया।
