राजस्थान में नशे के खिलाफ एक निर्णायक जंग लड़ते हुए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने अपने विधिवत गठन के मात्र 175 दिनों में ही इतिहास रच दिया है । पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार के आक्रामक और कुशल नेतृत्व में ANTF ने राज्य के हर कोने में अपनी शानदार कार्रवाइयों को अंजाम देते हुए 258 बड़े धमाके किये हैं । इस स्पेशल फोर्स की रफ्तार टी-20 क्रिकेट जैसी 145 के औसत से चल रही है, जिसने इसे अपराधियों के लिए एक नाबाद और अपराजेय पारी बना दिया है । इन ताबड़तोड़ धमाकों में लगभग 563 करोड़ रुपये मूल्य के विशाल मादक पदार्थों की धरपकड़ हुई है । सबसे चौंकाने वाली और बड़ी बात यह है कि इस 563 करोड़ के भारी-भरकम मूल्यांकन में जब्त किए गए वाहनों, हथियारों और फैक्टरियों की संपत्ति का मूल्य शामिल नहीं है; यह विशुद्ध रूप से केवल पकड़े गए मादक पदार्थों का ही बाजार मूल्य है । मूल्य और प्रभावशीलता की दृष्टि से, 7 अक्टूबर को विधिवत शुरुआत के बाद ANTF द्वारा स्थापित यह निर्विवाद रूप से अब तक का सबसे बड़ा और अभूतपूर्व कीर्तिमान है ।

ANTF का अभेद्य नेटवर्क और अचूक कार्यप्रणाली
महज 175 दिवस की इस छोटी सी अवधि में ANTF ने एक विशाल और अभेद्य नेटवर्क तैयार कर लिया है। पूरे राज्य में 18 रणनीतिक चौकियों, 1 विशेष थाना और एक पूर्ण सुसज्जित मुख्यालय स्थापित किया गया है । इन चौकियों का कार्यक्षेत्र विभाजन पूरे राज्य को मादक पदार्थों की तस्करी और खपत के आधार पर संवेदनशीलता की विभिन्न श्रेणियां बनाकर किया गया है । इन स्थानों पर अत्यंत कुशल कार्यबल को चयनित कर, उन्हें विशेष प्रशिक्षण देकर पदस्थापित किया गया है, जिनकी भारी धमक से आज नशे के सौदागरों में अफरा-तफरी और गहरी दहशत मची हुई है ।
यह पूरा तंत्र एक सुव्यवस्थित वैज्ञानिक तरीके से काम करता है। सभी 18 चौकियां जमीनी स्तर पर मानवीय आसूचना संकलन (Human Intelligence) और अपने मुखबिरों के माध्यम से इनपुट सूंघने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं । ये चौकियां नशे के मुख्य सूत्रधारों, ईनामी अपराधियों और अवैध फैक्ट्रीज के बारे में भी पैनी निगाह रखती हैं और संकलित की गई हर बारीक आसूचना को सीधे मुख्यालय प्रेषित करती हैं । ANTF मुख्यालय में राज्यस्तरीय दक्ष तकनीकी विशेषज्ञों की एक दर्जन सदस्यों वाली एक विशेष टीम चौबीसों घंटे मुस्तैद रहती है । यह तकनीकी टीम फील्ड से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर डेटा का तकनीकी विश्लेषण करती है और जमीनी अभियानों को एक अचूक मूर्त रूप प्रदान करती है । मुख्यालय की ऑपरेशन शाखा इन सभी बड़े अभियानों को दिशानिर्देश, मार्गदर्शन और अपना नेतृत्व प्रदान करती है । इसके अलावा, जोखिम भरे अभियानों में ANTF के कर्मियों का मनोबल हमेशा ऊंचा रखने के लिए एक बहुआयामी अभिनन्दन योजना भी लागू की गई है, जो फील्ड में शानदार कार्रवाई करने वाले जांबाज कर्मियों को लगातार पुरस्कृत करती है ।
कुख्यात सरगनाओं पर प्रहार: 45 इनामी तस्कर गिरफ्तार
ANTF ने केवल मादक पदार्थों की खेपें ही नहीं पकड़ीं, बल्कि उन आकाओं की कमर भी तोड़ दी है जो इस पूरे संजाल को संचालित कर रहे थे। पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार के अनुसार, इस अल्पावधि में नशे के दुर्दांत और वांछित 45 बड़े सूत्रधार तस्करों की गिरेबान पर हाथ डालने में बड़ी सफलता मिली है । ये कोई साधारण अपराधी नहीं थे, बल्कि इन तस्करों पर पुलिस विभाग द्वारा 25,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक का भारी इनाम घोषित था । इन सभी गिरफ्तार तस्करों पर कुल मिलाकर साढ़े 11 लाख रुपये का भारी इनाम घोषित था । ये वे शातिर अपराधी थे जो बरसों से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहे थे और अपना नशे का स्वयंभू कारोबार बेखौफ चलाकर राजस्थान और पड़ोसी राज्यों की युवा पीढ़ी में जहर परोसने का काम कर रहे थे । इस पुलिस कार्रवाई की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पकड़े गए इन तस्करों में राजस्थान राज्य के टॉप 5 मोस्ट वांटेड तस्करों में से 4 कुख्यात तस्कर शामिल हैं ।
राज्यों की सीमाएं लांघकर दबोचे गए माफिया
इन 45 इनामी तस्करों में से 32 तस्करों को राजस्थान के विभिन्न जिलों में उनके अड्डों से दबोचा गया है । लेकिन ANTF की पहुंच केवल राज्य की सीमाओं तक सीमित नहीं रही। 13 बड़े तस्करों को राजस्थान की सीमाओं के बाहर जाकर गिरफ्तार किया गया है । ANTF की विशेष टीमों ने दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, पंजाब और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में जाकर अपना जाल बिछाया और हफ्तों तक वहां सीक्रेट कैंप कर इन फरार तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाया । अन्य राज्यों के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो, मध्य प्रदेश से 5, गुजरात से 3, हरियाणा से 2, पंजाब से 1 और पश्चिम बंगाल से 1 इनामी तस्कर को गिरफ्तार कर राजस्थान लाया गया है ।
अगर इन इनामी तस्करों के स्थानीय कार्यक्षेत्रों (ऑपरेटिंग बेस) की बात करें, तो सीमावर्ती बाड़मेर जिला इनका सबसे बड़ा गढ़ बनकर उभरा है, जहां से सर्वाधिक 15 तस्कर जुड़े पाए गए । इसके बाद जालोर जिले में 4 तस्करों का कार्यक्षेत्र रहा । भीलवाड़ा, फलोदी, प्रतापगढ़, जयपुर और चित्तौड़गढ़ में 3-3 तस्करों के तार जुड़े मिले । गंगानगर, राजसमंद, उदयपुर, झालावाड़ और SOG के रडार पर 2-2 तस्करों की संलिप्तता पाई गई । इसी प्रकार बांसवाड़ा, झुंझुनू और सीकर में 1-1 तस्कर अपना नेटवर्क चला रहे थे ।
‘ऑपरेशन भोकाल’: 208 खेपों का पर्दाफाश और विशाल जब्ती
मात्र 175 दिवस की इस अल्प अवधि में ANTF ने ‘ऑपरेशन भोकाल’ के तहत राज्य के विभिन्न कोनों से अवैध मादक पदार्थों की 208 खेपें पकड़ने में एतिहासिक सफलता हासिल की है । पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने स्पष्ट किया है कि नशे के हर किस्म (प्राकृतिक और सिंथेटिक दोनों) के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए ये बड़ी-बड़ी खेपें पकड़ी गई हैं । इन अभियानों में ANTF ने न सिर्फ पारम्परिक मध्य प्रदेश-राजस्थान के स्मगलिंग चैनल को ध्वस्त किया है, बल्कि देश के सुदूर इलाकों जैसे मणिपुर, झारखण्ड और ओडिशा-तेलंगाना से संचालित होने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क के विरुद्ध भी बेहद प्रभावी और जानलेवा कार्रवाई की है । इन छापों में अफीम की लगभग आधा दर्जन बड़ी कार्रवाइयां, डोडा की कई सदृश खेपें, गांजा की बड़ी खेपें, आधा दर्जन उत्पादन स्थलों (खेती) का ध्वस्तीकरण और आधा दर्जन सिंथेटिक फैक्टरियों का खुलासा मुख्य रूप से शामिल है ।
563 करोड़ रुपये की इस महा-जब्ती के आंकड़े राजस्थान के इतिहास में मील का पत्थर बन गए हैं । जब्त किए गए मादक पदार्थों का विस्तृत विवरण इस प्रकार है: पुलिस ने 227 किलोग्राम अफीम, 10,550 किलोग्राम डोडा पोस्त, 265 किलोग्राम गांजा और लगभग 5,500 किलोग्राम भांग बरामद की है । सिंथेटिक और रासायनिक ड्रग्स के बाजार पर प्रहार करते हुए लगभग 8 किलोग्राम MD, लगभग 500 ग्राम MDMA, लगभग 2 किलोग्राम हेरोइन, नशे की लगभग 23,000 खतरनाक टेबलेट्स और 400 किलोग्राम से ज्यादा तरल रसायन जब्त किया गया है । मादक पदार्थों की खेती पर सीधा प्रहार करते हुए गांजे के 18,000 से ज्यादा पौधे और अफीम के लगभग 8 लाख पौधों को जड़ से नष्ट किया गया है ।
तस्करों के पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को नेस्तनाबूद करते हुए पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त 47 लग्जरी और सामान्य कारें, 14 मोटरसाइकिलें और 4 ट्रक जब्त किए हैं । तस्करों के पास मौजूद हथियारों के जखीरे को भी पकड़ा गया है, जिसमें 5 पिस्तौल, 118 जिंदा कारतूस और 5 मैगज़ीन बरामद हुई हैं । इसके अतिरिक्त, MD बनाने वाली फैक्टरियों से लगभग 20 लाख रुपये के वैज्ञानिक और भारी उपकरण भी जब्त किए गए हैं । साथ ही, अवैध शराब की भी बड़ी खेपें टीम के हत्थे चढ़ी हैं ।
संभागवार कार्रवाइयां: जोधपुर और अजमेर रेंज सबसे आगे
ANTF द्वारा विभिन्न रेंज और संभागों में कुल 213 महत्वपूर्ण कार्रवाइयों को अंजाम दिया गया है । आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा 57 कार्रवाइयां जोधपुर रेंज में दर्ज की गई हैं । अजमेर रेंज 38 कार्रवाइयों के साथ दूसरे और बीकानेर 37 कार्रवाइयों के साथ तीसरे स्थान पर रहा । इसके अलावा जयपुर आयुक्तालय (कमिश्नरेट) क्षेत्र में 34, उदयपुर रेंज में 27, भरतपुर रेंज में 8, जयपुर रेंज (ग्रामीण) में 5, जोधपुर आयुक्तालय में 4 और कोटा रेंज में 3 कार्रवाइयों को सफलतापूर्वक पूरा किया गया ।
ऑपरेशन अन्तः स्फोट: 170 एकड़ में लहलहाते नशे का ध्वस्तीकरण
अफीम और गांजे की अवैध खेती के खिलाफ ANTF ने गर्जनमय गाज गिराते हुए ‘ऑपरेशन गाँजार्जन’, ‘ऑपरेशन अन्तः स्फोट’ और ‘ऑपरेशन शस्यविषम’ जैसे पांच बड़े और व्यापक ऑपरेशन चलाए । इन ऑपरेशनों के तहत करीब 200 एकड़ कृषि भूमि पर अवैध रूप से उगाई गई अफीम और गांजे की फसलों की धरपकड़ कर उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया, जिससे नशे के सौदागरों की आर्थिक कमर टूट गई । विकास कुमार के मुताबिक, गांजे और अफीम की अवैध खेती के 5 बड़े प्रकरणों का सीधा खुलासा किया गया है । अब तक 10 प्रकरण दर्ज करके 5 विभिन्न गुप्त ठिकानों पर सफल धावा बोला जा चुका है; जिनमें 4 मामले अवैध अफीम (उदयपुर, झालावाड़, बीकानेर, बालोतरा और भीलवाड़ा) और 1 मामला अवैध गांजा (उदयपुर) से संबंधित है ।
इन सभी में ‘ऑपरेशन अन्तः स्फोट’ राजस्थान के आज तक के इतिहास की मादक पदार्थों के खिलाफ सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई मानी जाती है । 27 और 28 फरवरी 2026 को ANTF मुख्यालय जयपुर की टीम ने उदयपुर जिले के माण्डवा पुलिस थाना क्षेत्र में एक अत्यंत दुर्गम इलाके में दबिश दी । यहां 170 एकड़ भूमि पर खड़े लगभग 7.5 लाख अफीम के पौधों को खोज निकाला गया (प्रकरण संख्या 18, 19, 20, 21) । टीम ने न केवल इन लाखों पौधों को मौके पर ही नष्ट किया, बल्कि काटी गई अफीम डोडे लगी 519 किलोग्राम तैयार फसल और अफीम फसल से तोड़कर इकट्ठे किए गए 202 किलोग्राम ‘डोडा कंद’ को भी मौके से जब्त कर एक बड़ा इतिहास रच दिया ।
अवैध खेती पर अन्य प्रमुख स्ट्राइक:
- उदयपुर (‘ऑपरेशन गांजार्जन’): 1 नवंबर 2025 को कोटडा थाना क्षेत्र में 50 बीघा जमीन पर की जा रही गांजे की खेती को नष्ट किया गया, जहां से 18 हजार से अधिक पौधे पकड़े गए ।
- बालोतरा (‘ऑपरेशन शस्यविषम’): 20 फरवरी 2026 को जालोर चौकी की टीम ने सिवाना (बालोतरा) में दबिश देकर 71 किलोग्राम वजन के 2428 अफीम के पौधे जब्त किए ।
- झालावाड़: 1 मार्च 2026 को जावर थाने में दर्ज मामले के तहत 139.915 किलोग्राम वजन के 1507 अफीम के हरे पौधे और 68 ग्राम अफीम पोस्त का रस पकड़ा गया ।
- भीलवाड़ा: 8 मार्च 2026 को करेडा क्षेत्र से 408 अफीम के पौधे (14.580 किलोग्राम) तथा 60 गांजे के पौधे (21.220 किलोग्राम) जब्त किए गए ।
- बीकानेर: 15 मार्च 2026 को रणजीतपुरा पुलिस थाना क्षेत्र में 3.363 किलोग्राम वजन वाले अफीम के 92 पौधे जब्त किए गए ।
अंतर्राज्यीय अफीम सिंडिकेट पर 5 बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक
अंतर्राज्यीय सीमाओं से होने वाली तस्करी के विशाल संजाल पर कुठाराघात करते हुए मात्र पांच महीने की अल्पावधि में ANTF ने अफीम की पांच सबसे बड़ी खेपों को पकड़ने का कारनामा भी कर दिखाया है । पुलिस ने 81 किलोग्राम, 57 किलोग्राम, 22 किलोग्राम और 21 किलोग्राम की भारी-भरकम खेपों को जब्त किया है । इन 5 बड़े ऑपरेशनों में करोड़ों का माल बरामद हुआ:
- सीकर: 6 दिसंबर 2025 को ANTF जोधपुर यूनिट ने रींगस में कार्रवाई करते हुए एक क्रेटा कार से 20.800 किलोग्राम अफीम का दूध बरामद किया। इसकी कीमत लगभग 1.20 करोड़ रुपये आंकी गई। मौके से 3 तस्कर गिरफ्तार हुए ।
- जालोर: 14 फरवरी 2026 को सायला में ANTF जालोर चौकी ने 4.211 किलोग्राम अफीम और दो कारों को पकड़ा, जिनकी कीमत 21 लाख 5 हजार 500 रुपये थी। इस कार्रवाई में 5 अभियुक्त पकड़े गए ।
- चित्तौड़गढ़: 7 मार्च 2026 को भदेसर में चित्तौड़गढ़ चौकी ने एक बाइक सवारों से 5.113 किलोग्राम अफीम (मूल्य 25.56 लाख रुपये) जब्त कर 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया ।
- भीलवाड़ा: 12 मार्च 2026 को रॉयला में 21.739 किलोग्राम अफीम का दूध एक पिकअप गाड़ी से पकड़ा गया। 1.08 करोड़ रुपये की इस खेप के साथ 3 तस्कर पकड़े गए ।
- सांचौर (सबसे बड़ी खेप): 13 मार्च 2026 को जालोर और पाली ANTF की संयुक्त टीम ने सांचौर में एक एतिहासिक जब्ती की। 80.724 किलोग्राम अफीम का दूध, एक कार और साथ में 19 लाख 74 हजार 1 रुपये नकद जब्त किए गए। 4.03 करोड़ रुपये के इस विशाल मामले में 6 तस्करों को गिरफ्तार किया गया ।
- जालोर (दूसरी बड़ी खेप): 25 मार्च 2026 को एक बार फिर जालोर चौकी ने 57.640 किलोग्राम अफीम का दूध और दो कारें जब्त कीं। 2.88 करोड़ रुपये की इस खेप के साथ 2 तस्कर दबोचे गए ।
मौत के कारखाने: MD बनाने वाली 30 हाई-टेक फैक्टरियों का भंडाफोड़
आज के युवाओं की नसों में सबसे तेजी से घुल रहे सिंथेटिक जहर यानी MD (मेफेड्रोन/मैजिक ड्रैग) के उत्पादन पर ANTF ने सबसे गहरी चोट की है। ANTF के गठन के बाद से पूरे राज्य में लगभग दो दर्जन से अधिक (कुल 30) ‘मौत के कारखानों’ का चौंकाने वाला खुलासा हो चुका है । इनमें से 6 बड़ी फैक्टरियों पर ANTF ने सीधे और प्रत्यक्ष रूप से अपनी कमांडो स्टाइल कार्रवाई की है । ये फैक्टरियां सुदूर बाड़मेर (3) और जालोर (3) के रेतीले और एकांत इलाकों में पकड़ी गई हैं, जहां करोड़ों रुपये का रासायनिक जहर गुपचुप तरीके से निर्मित किया जा रहा था । जालोर में तो हाल ही में पकड़ी गई एक फैक्ट्री पूरी तरह से स्वचालित और अत्याधुनिक तकनीक से लैस थी ।
सिंथेटिक ड्रग्स के इन कारखानों को चलाने वाले ‘ब्रेन’ यानी 3 कुख्यात सरगनाओं की गर्दन पर भी टीमों ने हाथ डाल दिया है । पुलिस ने ‘ऑपरेशन विषाणु बाहु’ चलाकर कोलकाता में बैठे मुख्य सूत्रधार ‘रमेश’ को और ‘ऑपरेशन जेंटल मेन्टल’ चलाकर दुर्दांत अपराधी ‘राजू मंडा’ को धर दबोचा है ।
सीधे तौर पर पकड़ी गई 6 MD फैक्टरियों की इनसाइड रिपोर्ट:
- करडा (जालोर): 4 फरवरी 2026 को खारा गांव में आशुराम के खेत पर बने कच्चे छप्परनुमा घर में NCB जोधपुर और ANTF की संयुक्त रेड पड़ी। यहां से पुखराज, आशुराम और हनुमानराम विश्नोई को 4.910 किलो तैयार MD, 50 किलो रासायनिक केमिकल और उपकरण के साथ गिरफ्तार किया गया (इसकी जांच NCB जोधपुर कर रही है) ।
- सेडवा (बाड़मेर): 6 फरवरी 2026 को सरहद भैरुडी स्थित खेत में टीन शेड के झुम्पे में छापा मारा गया। यहां से रामजीवन विश्नोई को गिरफ्तार कर लगभग 20 लाख रुपये कीमत के रसायन व उपकरण जब्त किए गए ।
- चौहटन (बाड़मेर): 23 फरवरी 2026 को रोड़ियो का तला गांव में भगाराम भील द्वारा कृषि के लिए किराए पर लिए गए खेत के मकान में फैक्ट्री पकड़ी गई। भगाराम भील को 45.500 किलोग्राम कास्टिक सोडा, 7.050 लीटर तरल केमिकल, 55.600 लीटर HCL और 134.85 लीटर MSL केमिकल के साथ गिरफ्तार किया गया ।
- बागोडा (जालोर): 28 फरवरी 2026 को गावंडी ग्राम में दीपाराम के पुराने व नए घरों पर बड़ी रेड हुई। दीपाराम और ओमप्रकाश को गिरफ्तार कर 190 किलो Methacrylate का बड़ा सीलबंद ड्रम, 100 लीटर Toluene, 100 लीटर Acetone, फ्लास्क, हीटर, वैक्यूम पंप और इलेक्ट्रिक मोटर जैसे हाई-टेक उपकरण जब्त किए गए ।
- बागोडा (जालोर): इसी दिन 28 फरवरी को गावंडी में ही अचलाराम देवासी के खेत और घर पर छापा पड़ा। अचलाराम गिरफ्तार हुआ और उसके पास से 90.58 किलोग्राम Toluene, 83 किलोग्राम Acetone, 13.88 किलोग्राम संदिग्ध केमिकल और 9 पैकेट ‘Best Quality Gujarat Papad’ (वजन 09.44 किलोग्राम) के भेष में संदिग्ध सामग्री जब्त की गई ।
- धोरीमन्ना (बाड़मेर): 14 मार्च 2026 को जानियों की बस्ती (गडरा) में खेत के मकान के पास पतरों के बने छापरे में फैक्ट्री भंडाफोड़ हुई। निंबाराम और ओमप्रकाश विश्नोई को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में केमिकल (145.93 KG TOLUENE और 45.880 KG MMA) जब्त किया गया ।
नशामुक्त भारत का अगुआ बनने की ओर राजस्थान
जिस तूफानी रफ्तार और आक्रामक लय से ANTF नशे के इस काले कारोबार और इसके आकाओं के विरुद्ध हाथ धोकर पीछे पड़ी हुई है, और सफलता के नित नए कीर्तिमान गढ़ रही है, उससे यह पूरी उम्मीद की जा सकती है कि जल्दी ही राजस्थान भारत सरकार के ‘नशामुक्त भारत अभियान’ का सबसे बड़ा अगुआ राज्य बनकर उभरेगा । पुलिस विभाग और गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, अभी तक के आंकड़ों और प्रभावी जमीनी कार्रवाई को देखते हुए राजस्थान ANTF का वर्तमान प्रदर्शन पूरे देश में ‘सर्वश्रेष्ठ’ की श्रेणी में आंका जा रहा है । नशे के खिलाफ राजस्थान
