राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने शुक्रवार रात एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के एक अधिशाषी अभियंता (XEN) और एक दलाल को 33 लाख रुपए की भारी-भरकम रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया है। यह कार्रवाई जयपुर और झुंझुनूं में एक साथ संचालित की गई।
जमीन अलाइनमेंट बदलने का था सौदा
एडिशनल एसपी संदीप सारस्वत के अनुसार, झुंझुनूं के बग्गड़ से स्टेट हाईवे को नेशनल हाईवे से जोड़ने के लिए एक नई रोड निकाली जा रही है। इस प्रोजेक्ट के रोड अलाइनमेंट का जिम्मा झुंझुनूं इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी (वैशाली नगर, जयपुर) को दिया गया था। शिकायतकर्ता की खातेदारी की जमीन इस प्रस्तावित रोड के बीच में आ रही थी। आरोपी एक्सईएन और दलाल ने रिअलाइनमेंट के नाम पर जमीन को रोड से बाहर निकालने का झांसा देकर 33 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।
चौमूं पुलिया पर फिल्मी अंदाज में हुआ ट्रैप
शुक्रवार रात करीब 8 बजे जयपुर की चौमूं पुलिया के पास एसीबी ने जाल बिछाया। कंपनी का प्रतिनिधि और दलाल याकूब अली रिश्वत की रकम लेकर अपनी गाड़ी से शिकायतकर्ता की गाड़ी में आकर बैठ गया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने 33 लाख रुपए दलाल को थमाए, पूर्व योजना के अनुसार कार का इंडिकेटर जलाकर एसीबी टीम को संकेत दिया गया। इशारा मिलते ही एसीबी की टीम ने दलाल याकूब को 33 लाख रुपए के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।
झुंझुनूं में एक्सईएन गिरफ्तार
जयपुर में याकूब की गिरफ्तारी के तुरंत बाद, झुंझुनूं में तैनात एसीबी की दूसरी टीम ने चिड़ावा स्थित आवास से PWD के एक्सईएन राकेश कुमार को हिरासत में ले लिया। जांच में सामने आया कि याकूब अली गजट नोटिफिकेशन में अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में शामिल है और वह शनिवार को यह रकम चिड़ावा जाकर एक्सईएन राकेश कुमार को सौंपने वाला था।
जांच जारी एसीबी अब इस मामले में अन्य अधिकारियों की संलिप्तता और दस्तावेजों की जांच कर रही है। यह कार्रवाई प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जिसने साबित किया है कि पद का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ विभाग पूरी तरह सतर्क है।
प्रशासनिक संदेश: ईमानदारी ही विकास की नींव है। भ्रष्टाचार के खिलाफ इस मुहिम में सहभागी बनें और किसी भी शिकायत के लिए एसीबी की हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
