राजस्थान में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के उपयोग को बढ़ावा देने और लंबी दूरी की यात्रा को सुगम बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के बड़े शहरों और प्रमुख हाईवे पर कुल 591 पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। केंद्र सरकार ने इसके लिए राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम को 81.12 करोड़ रुपये के फंड की मंजूरी दे दी है।
PM E-DRIVE योजना के तहत मिलेगी रफ्तार
प्रधानमंत्री ई-ड्राइव (PM E-DRIVE) योजना के तहत राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम ने केंद्र सरकार को चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण रहित सफर को बढ़ावा देना और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना है। स्वीकृत फंड की मदद से प्रदेश भर के 262 स्थानों पर ये चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे।
शहरों का गणित: जयपुर बना ‘EV हब’
इस प्रोजेक्ट के तहत सबसे अधिक फोकस राजधानी जयपुर पर रखा गया है। जिलों के अनुसार चार्जिंग स्टेशनों का वितरण इस प्रकार है:
- जयपुर: 112 चार्जिंग स्टेशन
- अजमेर: 49 चार्जिंग स्टेशन
- उदयपुर: 39 चार्जिंग स्टेशन
- कोटा: 28 चार्जिंग स्टेशन
हाइवे पर भी सुलभ होगी चार्जिंग
इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों की सबसे बड़ी चिंता ‘रेंज’ और लंबी यात्रा के दौरान चार्जिंग सुविधा की कमी रही है। इसे दूर करने के लिए नेशनल और स्टेट हाईवे पर 34 नए चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इससे दिल्ली-जयपुर-अजमेर जैसे व्यस्त मार्गों पर ईवी से लंबी दूरी तय करना बेहद आसान हो जाएगा।
सरकार देगी जमीन, अक्षय ऊर्जा निगम पूरा करेगा काम
प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि इन स्टेशनों के निर्माण के लिए राज्य सरकार खुद जमीन उपलब्ध कराएगी। अधिकांश स्टेशन सरकारी विभागों की खाली पड़ी जमीन पर बनाए जाएंगे, जिससे प्रोजेक्ट की लागत और समय दोनों में बचत होगी। राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी और क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगा।
एक्सपोज़ विश्लेषण:
चार्जिंग स्टेशनों का जाल बिछने से न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि ग्रीन एनर्जी को भी बढ़ावा मिलेगा। यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद राजस्थान के किसी भी कोने में इलेक्ट्रिक वाहन से सफर करना पेट्रोल-डीजल गाड़ियों की तरह ही सुविधाजनक हो जाएगा।
