25 साल की फरारी का अंत: जयपुर में ‘मजदूर’ बनकर छिपा था ट्रिपल मर्डर का खूनी, ऑपरेशन हन्ता में करौली पुलिस की बड़ी जीत

करौली पुलिस ने “ऑपरेशन हन्ता” के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 25 साल से फरार चल रहे ट्रिपल मर्डर कांड के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जोगेंद्र सिंह, जो 2001 से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था, जयपुर के झोटवाड़ा इलाके में मजदूरी का वेश धारण कर फरारी काट रहा था। पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने इस कामयाबी की पुष्टि की है।

क्या था पूरा मामला?

घटना 10 मार्च 2001 की है, जब टोडाभीम इलाके के तिघरिया गांव (पीलवा के हार) में जमीनी विवाद को लेकर खूनी संघर्ष हुआ था। जब एक परिवार खेत में पानी दे रहा था, तब मुख्य आरोपी जोगेंद्र सिंह ने अपने साथियों के साथ बंदूक, तलवार और लाठियों से हमला कर दिया। इस हमले में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी और आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। वारदात के बाद से ही जोगेंद्र फरार था और उस पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

कांस्टेबल्स ने बदली वेशभूषा, 1 किमी तक पीछा कर दबोचा

इस गिरफ्तारी के पीछे राजस्थान पुलिस के दो जांबाज जवानों की सूझबूझ और कड़ी मेहनत रही। कांस्टेबल सत्येंद्र अवस्थी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी जयपुर के झोटवाड़ा में नाम बदलकर रह रहा है। इसके बाद:

  • सत्येंद्र अवस्थी और आकाश सोलंकी को जयपुर भेजा गया।
  • दोनों जवानों ने दो दिनों तक मजदूर का वेश धारण कर आरोपी की रेकी की।
  • आरोपी को रेलवे ऑफिसर कॉलोनी में पहचान लिया गया।
  • पुलिस को देखते ही आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन जवानों ने 1 किलोमीटर तक पीछा कर उसे दबोच लिया।

इन बहादुर पुलिसकर्मियों ने किया सराहनीय कार्य

पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने इस सफल ऑपरेशन के लिए जिला स्पेशल टीम (DST) के इन जवानों की विशेष रूप से प्रशंसा की है:

  1. सत्येंद्र अवस्थी (कांस्टेबल) – मुख्य मुखबिर तंत्र विकसित किया और रेकी की।
  2. आकाश सोलंकी (कांस्टेबल) – आरोपी का पीछा कर उसे पकड़ने में अहम भूमिका निभाई।

आरोपी को अब अग्रिम पूछताछ के लिए नई मण्डी थाना हिण्डौन के सुपुर्द कर दिया गया है।

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