जयपुर: राजस्थान में खेल प्रतिभाओं को तराशने और उन्हें वैज्ञानिक प्रशिक्षण देने के लिए भजनलाल सरकार ने महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। जयपुर के आमेर में करीब 2 लाख वर्ग मीटर भूमि पर बनने वाले इस विश्वविद्यालय की चारदीवारी का काम शुरू हो चुका है। खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने विधानसभा में बताया कि इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर 101 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी: एक नज़र में (Table)
| विशेषता | विवरण |
| स्थान | आमेर, जयपुर |
| कुल बजट | ₹101 करोड़ |
| क्षेत्रफल | 2 लाख वर्ग मीटर |
| अधिकार क्षेत्र | संपूर्ण राजस्थान (प्रत्येक संभाग से 1 कॉलेज संबद्ध होगा) |
| कोच भर्ती | 150 स्थायी और 700 अस्थायी प्रशिक्षक |
| विशेषता | स्पोर्ट्स साइंस और टेक्नोलॉजी पर आधारित शिक्षा |
केवल मैदान नहीं, ‘साइंस’ भी सीखेंगे खिलाड़ी
यह विश्वविद्यालय पारंपरिक खेलों के साथ-साथ खेलों के वैज्ञानिक पहलुओं पर भी ध्यान केंद्रित करेगा। यहाँ निम्नलिखित विशेष स्कूल (Schools) स्थापित किए जाएंगे:
- स्पोर्ट्स साइंसेज और मेडिसिन: चोटों से बचाव और रिकवरी के लिए।
- स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी और डेटा एनालिसिस: प्रदर्शन को सुधारने के लिए डेटा का उपयोग।
- मैनेजमेंट और एडवेंचर स्पोर्ट्स: खेल जगत में करियर के नए अवसर।
- फिजियोथेरेपी और न्यूट्रिशन: खिलाड़ियों के आहार और फिटनेस के लिए।
14 साल बाद स्थायी कोचों की भर्ती
खेल मंत्री ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद में 150 स्थायी खेल प्रशिक्षकों (Coaches) की भर्ती की जाएगी। गौरतलब है कि साल 2012 के बाद पहली बार स्थायी कोचों की भर्ती होने जा रही है। इसके अतिरिक्त, लगभग 700 प्रशिक्षकों को अस्थायी रूप से भी नियुक्त किया जाएगा ताकि जमीनी स्तर पर ट्रेनिंग प्रभावित न हो।
अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स:
- शूटिंग रेंज: जगतपुरा स्थित शूटिंग रेंज को रीको (RIICO) ने एडॉप्ट किया है, जिससे वहाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं बढ़ेंगी।
- महाराणा प्रताप पुरस्कार: पिछले 6-7 वर्षों से लंबित इन पुरस्कारों के लिए समिति गठित कर दी गई है, जल्द ही खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा।
