स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के राज्य ब्रांड एम्बेसडर के. के. गुप्ता ने शुक्रवार को करौली जिले के एक दिवसीय दौरे के दौरान जिला कलेक्ट्रेट सभागार में सभी नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने स्वच्छता को जनआंदोलन बताते हुए इसे केवल अभियान नहीं बल्कि आदत बनाने और मानसिकता में बदलाव लाने पर जोर दिया।
बैठक में गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया स्वच्छ भारत अभियान आज जनभागीदारी से मजबूत आंदोलन बन चुका है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है और इससे लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार हुआ है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा प्रदेश में स्वच्छता को लेकर गंभीर हैं और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से इसे प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने साफ कहा कि स्वच्छता कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई होगी।
गुप्ता ने धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कैला देवी मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छता और सुव्यवस्थित सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।
जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने बैठक में भरोसा दिलाया कि स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे और दिए गए निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाएगी।
श्रेणी के आधार पर निगरानी
गुप्ता ने बताया कि निकायों को स्वच्छता कार्यों के आधार पर चार श्रेणियों—A, B, C और D में विभाजित किया गया है।
- A श्रेणी: उत्कृष्ट कार्य
- B श्रेणी: संतोषजनक कार्य
- C श्रेणी: सुधार की आवश्यकता
- D श्रेणी: सख्त कार्रवाई आवश्यक
स्वच्छता के 5 प्रमुख सूत्र
बैठक में उन्होंने स्वच्छता सुधार के लिए 5 मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया:
- समयबद्ध डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण (गीला-सूखा अलग)
- प्लास्टिक उपयोग पर सख्त रोक
- सामुदायिक शौचालयों की दिन में तीन बार सफाई
- व्यावसायिक क्षेत्रों में नियमित रात्रिकालीन सफाई
- खाली प्लॉट में गंदगी पर जुर्माना और सख्त कार्रवाई
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर हेमराज परिडवाल, सीईओ लाखन सिंह, पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता प्रकाश चंद मीना, उपखण्ड़ अधिकारी एवं नगरपरिषद् आयुक्त प्रेमराज मीना, सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय के सहायक निदेशक धर्मेन्द्र मीणा एवं नगरीय निकायों के अधीशाषी अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहें।
