करौली | करौली जिला पुलिस ने नशें के अवैध कारोबार के खिलाफ शनिवार को एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने कैलादेवी थाना इलाके में सरसों की फसल की आड़ में चोरी-छिपे की जा रही अफीम की खेती का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 2 करोड़ रुपये मूल्य की अफीम के हरे पौधे जब्त किए हैं।
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सरसों की आड़ में ‘जहर’ की खेती पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने बताया कि आरोपी चौरसिंह मीना और मनकेश उर्फ पिन्टू मीना ने अपने खेतों में पुलिस और प्रशासन की नजरों से बचने के लिए शातिर दिमाग लगाया था। उन्होंने खेत के चारों तरफ और बीच-बीच में सरसों की ऊंची फसल उगा रखी थी, ताकि उसके भीतर लहलहा रहे अफीम के पौधे किसी को नजर न आएं।

6000 किलो से ज्यादा अफीम जब्त कैलादेवी और सपोटरा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने जब धौरेरा हार स्थित खेतों पर दबिश दी, तो वहां का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। पुलिस ने मौके से 6067 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम के हरे पौधे बरामद किए। पुलिस के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन पौधों से निकलने वाली अफीम की कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई है।
ऐसे चला पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’ एसपी लोकेश सोनवाल ने बताया कि शुक्रवार को कैलादेवी थानाधिकारी रामअवतार मीना को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही सपोटरा और कैलादेवी पुलिस की दो विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीमों ने बिना समय गंवाए चिन्हित खेतों की घेराबंदी कर दबिश दी।

पुलिस को देखकर आरोपी चौरसिंह और मनकेश ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे अधिक मुनाफे के लालच में अवैध रूप से अफीम की खेती कर रहे थे और इसे स्थानीय नवयुवकों को बेचने की फिराक में थे।
नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पुलिस अधीक्षक ने कहा कि क्षेत्र के युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनके तार और किन-किन तस्करों से जुड़े हुए हैं।
