करौली स्वास्थ्य विभाग में ‘महाघोटाला’: 181 पोर्टल पर झूठी रिपोर्ट और भ्रष्टाचार का सिंडिकेट बेनकाब

करौली। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भले ही भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ और पीड़ितों के त्वरित समाधान की कसमें खाते हों, लेकिन करौली जिले में प्रशासनिक अधिकारी इन दावों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। Expose Now की पड़ताल में सामने आया है कि यहाँ के अधिकारी न तो मुख्यमंत्री से डरते हैं और न ही किसी नियम-कायदे से। हालात यह हैं कि मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी वाले ‘181 राजस्थान जनसंपर्क पोर्टल’ पर भी अधिकारी शपथ लेकर झूठी सूचनाएं अपलोड कर रहे हैं।

181 पोर्टल पर ‘सफेद झूठ’: सीएमएचओ और जेडी की मिलीभगत?

प्रदेश में पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने के लिए बनाए गए 181 पोर्टल को करौली के कार्यवाहक सीएमएचओ डॉ. जयंती लाल मीणा ने मजाक बना दिया है। मामला कई सालों से सीएमएचओ दफ्तर में ‘कैद’ चिकित्सकों की सर्विस बुक से जुड़ा है। Expose Now टीम द्वारा मुद्दा उठाए जाने के बाद, भ्रष्टाचार की परतें छिपाने के लिए डॉ. मीणा ने 19 फरवरी को आनन-फानन में शिकायत का निस्तारण करते हुए पोर्टल पर लिखा कि “सर्विस बुकें संबंधित संस्थानों पर पहुंचा दी गई हैं।”

हैरानी की बात यह है कि 24 फरवरी को भरतपुर संयुक्त निदेशक (JD) सुनील कुमार ने भी बिना जमीनी हकीकत जाने इस रिपोर्ट पर अपनी मुहर लगा दी। जब हमारी टीम ने टोडाभीम, करौली, हिंडौन और नादौती के बीसीएमओ से जांच की, तो पता चला कि किसी भी संस्थान में आज तक सर्विस बुक नहीं पहुंची है।

डॉक्टर्स फेडरेशन ने खोली गबन की पोल

चिकित्सकों के संगठन ‘डॉक्टर वेलफेयर फेडरेशन नेशनल’ ने अब प्रमुख शासन सचिव (PHS) गायत्री राठौर को पत्र लिखकर सीएमएचओ जयंतीलाल मीणा और बीसीएमओ गुढ़ाचन्द्रजी डॉ. जगराम मीणा के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के गबन की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। आरोप है कि मार्च के महीने में सर्विस बुक अपडेट करने के नाम पर ‘सेवा शुल्क’ (वसूली) का बड़ा खेल चल रहा है।

कैमला PHC: जहाँ नहीं चला सीएमएचओ का दबाव

जहाँ एक तरफ वसूली के लिए सर्विस बुक दफ्तर में मंगवाई जा रही थीं, वहीं कैमला PHC के आहरण वितरण अधिकारी डॉ. राजेश मीणा ने रसूखदारों के आगे झुकने से इनकार कर दिया। उन्होंने मौखिक आदेश मानने के बजाय लिखित आदेश मांगे, जिससे घोटाले में शामिल कार्मिक बैकफुट पर आ गए।

पीड़ित महिला ANM को न्याय नहीं, जांच टीम पर मिलीभगत के आरोप

गुढ़ाचन्द्रजी इलाके में तैनात एक महिला ANM ने ब्लॉक सीएमएचओ जगराम मीणा पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। एडीएम के आदेश पर गठित जांच टीम पर पीड़िता ने मिलीभगत का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि जांच के दौरान टीम सीएमएचओ के दबाव में रही और मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया गया। इससे पहले भी दलित महिला चिकित्सक प्रकरण में वर्तमान सीएमएचओ की भूमिका संदिग्ध रही है, जहाँ निदेशालय की जांच ने उन्हें दोषी माना था।

मंत्री के अर्दली और RAS अफसर का ‘रक्षा कवच’

सूत्रों के अनुसार, धौलपुर से विवादों में रहे डॉ. जयंती लाल मीणा के खिलाफ शिकायतों का अंबार होने के बावजूद कार्रवाई न होना एक बड़े सिंडिकेट की ओर इशारा करता है। इस सिंडिकेट के तार सचिवालय में तैनात एक मंत्री के अर्दली और निदेशालय में जमी एक महिला RAS अधिकारी से जुड़े हैं, जो आला अधिकारियों को गुमराह कर भ्रष्ट अधिकारियों को बचा रहे हैं।

EXPOSE NOW के प्रमुख सवाल

निष्पक्ष जांच: निदेशालय की एक विशेष टीम तुरंत करौली पहुंचे और सर्विस बुक मामले की चिकित्सकों से रूबरू होकर हकीकत जांचे।

पद से बर्खास्तगी: 181 पोर्टल पर सरकार को झूठी सूचना देकर गुमराह करने वाले कार्यवाहक CMHO डॉ. जयंतीलाल मीणा को पद से क्यों नहीं हटाया ?

निदेशालय स्तर की जांच: महिला ANM प्रकरण में स्थानीय टीम के बजाय निदेशालय स्तर से एक निष्पक्ष जांच टीम गठित की जाए।

ACB की कार्रवाई: राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के मुखिया गोविंद गुप्ता खुद इस मामले का संज्ञान लें, ताकि मलाईदार पदों पर बैठे इस ‘सिंडिकेट’ को तोड़ा जा सके और स्वास्थ्य विभाग की छवि साफ हो।

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