करौली: जयपुर DST टीम के फर्जी पुलिसकर्मी बनकर दो युवकों का अपहरण, कुड़गांव पुलिस ने दो बदमाशों को दबोचा

करौली। राजस्थान की करौली पुलिस ने खाकी को बदनाम कर सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कुड़गांव थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जयपुर की डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम (DST) के सदस्य बनकर दो युवकों का अपहरण करने वाले दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल बोलेरो गाड़ी और पीड़ितों से लूटे गए मोबाइल बरामद कर लिए हैं।

फर्जी पुलिसकर्मी बनकर किया था अपहरण

थानाधिकारी मंजू फौजदार ने बताया कि शातिर बदमाशों ने 2 जनवरी को कुड़गांव क्षेत्र से गौरव बैरवा और नीलेश बैरवा का अपहरण किया था। आरोपी खुद को जयपुर DST टीम के पुलिसकर्मी बताकर पीड़ितों के पास पहुंचे। उन्होंने पीड़ितों को डराया कि उनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज है और पूछताछ के बहाने उन्हें अपनी बोलेरो गाड़ी में बैठाकर ले गए।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई: गंगापुर सिटी से दबोचे गए बदमाश

वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पीड़ितों को बदमाशों के चंगुल से सकुशल छुड़ा लिया था। इसके बाद ASI श्रीनिवास के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गंगापुर सिटी में दबिश दी और दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया:

  1. दिलखुश मीणा (निवासी गोविन्दपुरा)
  2. महेन्द्र मीणा (निवासी चैनापुरा)

फिरौती और लूट की बरामदगी जारी

गिरफ्तार बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने अपहरण में प्रयुक्त बोलेरो गाड़ी और पीड़ितों से छीने गए दो एंड्राइड मोबाइल जब्त कर लिए हैं। पुलिस अब आरोपियों से फिरौती के रूप में वसूले गए 65 हजार रुपये की बरामदगी के लिए पूछताछ कर रही है।

शातिर किस्म के हैं बदमाश, अन्य की तलाश जारी

थानाधिकारी के अनुसार, ये बदमाश बेहद शातिर हैं और योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम देते हैं। पुलिस पूछताछ में इस गिरोह द्वारा अन्य वारदातों के खुलासे की भी संभावना है। फिलहाल, पुलिस इस कांड में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

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