जिला समाज कल्याण अधिकारी बबलू शर्मा की संवेदनशीलता: 3 साल से भटक रही बुजुर्ग प्रेमवती की पेंशन बहाल

राजस्थान की भजनलाल सरकार के ‘सुशासन’ और ‘संवेदनशील प्रशासन’ की झलक करौली जिले में देखने को मिली है। यहाँ जिला समाज कल्याण अधिकारी बबलू शर्मा के प्रयासों से एक 74 वर्षीय बुजुर्ग महिला को 3 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार न्याय मिल गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत की मंशा के अनुरूप, अधिकारी बबलू शर्मा ने बुजुर्ग महिला की रुकी हुई पेंशन को बहाल कर विभागीय सक्रियता का परिचय दिया है।

क्या था पूरा मामला?

करौली जिले के मासलपुर क्षेत्र के गांव नवलापुरा की निवासी प्रेमवती (74 वर्ष) पिछले तीन साल से अपनी रुकी हुई पेंशन को लेकर सरकारी दफ्तरों की चौखट लांघ रही थीं। वृद्धावस्था के इस पड़ाव पर पेंशन ही उनके जीवन यापन का मुख्य सहारा थी, लेकिन तकनीकी कारणों से वह बंद हो गई थी। लाठी के सहारे चलने वाली प्रेमवती ने कई बार गुहार लगाई, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा था।

अधिकारी बबलू शर्मा ने निभाया अपना कर्तव्य

मामला जब जिला समाज कल्याण अधिकारी बबलू शर्मा के संज्ञान में आया, तो उन्होंने इसे प्राथमिकता पर लिया। बबलू शर्मा ने न केवल महिला की समस्या को धैर्यपूर्वक सुना, बल्कि तत्काल संबंधित अधिकारियों और पटल लिपिकों को निर्देशित कर तकनीकी बाधाओं को दूर करवाया। बबलू शर्मा की व्यक्तिगत रुचि और त्वरित कार्रवाई का परिणाम रहा कि प्रेमवती की पेंशन फाइल जो पिछले 36 महीनों से धूल फांक रही थी, उसे मंजूरी मिल गई।

सरकार की उम्मीदों पर खरे उतरे अधिकारी

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और विभागीय मंत्री अविनाश गहलोत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं कि किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं के लिए भटकना न पड़े। इन अपेक्षाओं पर जिला समाज कल्याण अधिकारी बबलू शर्मा पूरी तरह खरे उतरे हैं। ग्रामीणों और परिजनों ने बबलू शर्मा के इस मानवीय दृष्टिकोण की जमकर सराहना की है।

न्याय पाकर छलके प्रेमवती के आंसू

पेंशन बहाल होने की जानकारी मिलने पर प्रेमवती के चेहरे पर संतोष और आंखों में खुशी के आंसू दिखाई दिए। उन्होंने आशीर्वाद देते हुए प्रशासन और विशेष रूप से बबलू शर्मा का आभार जताया। यह मामला अन्य अधिकारियों के लिए भी एक नजीर है कि किस तरह एक संवेदनशील पहल किसी जरूरतमंद के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।

Share This Article
Leave a Comment