अग्रवाल बोले : ‘600 करोड़ के 33 मामले सुधांश पंत के समय के’, 37 में से केवल 4 मामले मेरे कार्यकाल के

जल जीवन मिशन (JJM) से जुड़े 960 करोड़ रुपए के घोटाले में गिरफ्तार रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल को आज एक बार फिर एसीबी कोर्ट में पेश किया गया। पिछली सुनवाई में अदालत ने एसीबी को तीन दिन की रिमांड दी थी, जो आज समाप्त होने के बाद फिर से एसीबी ने सुबोध अग्रवाल को कोर्ट में पेश किया। इससे पहले कोर्ट में पेशी के दौरान एसीबी ने पहले 5 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन बचाव पक्ष के विरोध के बाद कोर्ट ने तीन दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की थी।

सुधांश पंत के समय के मामलों का हवाला

कोर्ट में पेशी से पहले मीडिया से बातचीत में सुबोध अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है और उनसे जो भी सवाल पूछे गए, उनके जवाब दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि फाइनेंस कमेटी के 37 मामलों में से केवल 4 उनके कार्यकाल के हैं, जबकि 33 प्रकरण उनसे पहले सुधांश पंत के समय के हैं, जिनकी राशि करीब 600 करोड़ रुपए बताई जा रही है।

जांच की दिशा पर उठाए सवाल

सुबोध अग्रवाल ने यह भी कहा कि उन्होंने एसीबी से बार-बार कहा है कि:

“जिसमें पैसा नहीं लिया उसका नाम ले रहे हो, जिसमें पैसा लिया उसकी जांच नहीं कर रहे।” इस बयान के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। अब सबकी नजर आज की कोर्ट सुनवाई पर टिकी हैं कि एसीबी को आगे और रिमांड मिलती है या उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जाता है।

125 सवालों की सूची से पूछताछ

पूछताछ के दौरान एसीबी ने सुबोध अग्रवाल से सवाल-जवाब के लिए करीब 125 सवालों की विस्तृत सूची तैयार की थी। इन्हीं सवालों के आधार पर पिछले तीन दिनों में उनसे लंबी पूछताछ की गई। जांच एजेंसी अब कोर्ट से आगे की रिमांड या न्यायिक हिरासत की मांग कर सकती है।

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