जयपुर, राजधानी जयपुर की यातायात व्यवस्था को और अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए जयपुर पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को 322 नए ट्रैफिक मार्शलों को प्रशिक्षण के बाद औपचारिक रूप से ड्यूटी पर तैनात कर दिया गया। इस विस्तार के बाद अब शहर की सड़कों पर यातायात संभालने के लिए ट्रैफिक मार्शलों की कुल संख्या 526 हो गई है।
डीसीपी सुमित मेहरड़ा ने परखी तैयारी पुलिस उपायुक्त यातायात सुमित मेहरड़ा ने खुद इन नए मार्शलों का इंटरव्यू लेकर उनकी समझ और तैयारियों का आकलन किया। डीसीपी ने सभी मार्शलों को ईमानदारी और अनुशासन के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक मार्शल, पुलिस और जनता के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
कठिन प्रशिक्षण से हुए तैयार ड्यूटी पर तैनात होने से पहले इन मार्शलों को विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें प्रमुख थे:
- ट्रैफिक नियमों और सिग्नल संचालन की गहरी जानकारी।
- सड़क सुरक्षा और दुर्घटना की स्थिति में ‘फर्स्ट रिस्पांडर’ की भूमिका।
- आमजन के साथ शालीन व्यवहार और बेहतर संवाद कौशल।
भीड़भाड़ वाले इलाकों पर रहेगा फोकस ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, इन मार्शलों की तैनाती शहर के सबसे व्यस्त चौराहों, मुख्य बाजारों, स्कूलों और अस्पतालों के आसपास की जाएगी। विशेष रूप से सुबह और शाम के ‘पीक आवर्स’ के दौरान यातायात के सुचारु प्रवाह और अवैध पार्किंग रोकने में इनकी भूमिका अहम होगी।
आमजन को मिलेगी जाम से राहत ट्रैफिक मार्शलों की संख्या दोगुनी से अधिक होने से उम्मीद जताई जा रही है कि जयपुरवासियों को ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। डीसीपी सुमित मेहरड़ा ने विश्वास जताया कि तकनीक और मानव संसाधन के बेहतर तालमेल से जयपुर की सड़कों पर अनुशासन और सुरक्षा का नया दौर शुरू होगा।
