जयपुर: भारतीय वायुसेना के ‘एम्बेसडर्स’ कहे जाने वाली सूर्य किरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने गुरुवार को जयपुर के युवाओं के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। एचसीएम रीपा (HCM RIPA) के भगवत सिंह मेहता सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स, विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं और मूक-बधिर विद्यार्थी शामिल हुए।
वायुसेना में करियर और अनुशासन पर चर्चा

संवाद के दौरान टीम के सदस्यों ने विद्यार्थियों को वायुसेना में करियर के अवसरों, कठिन प्रशिक्षण और समर्पण के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। पायलटों ने कहा कि 20 और 22 फरवरी को जल महल की पाल पर होने वाला एयर शो जयपुरवासियों के लिए वायुसेना के साहस और अनुशासन को करीब से देखने का एक यादगार अवसर होगा।
सूर्य किरण: एशिया की एकमात्र नौ-विमान टीम

कार्यक्रम में सूर्य किरण टीम की विशेषताओं पर प्रकाश डाला गया:
- स्थापना: वर्ष 1996 में स्थापित यह टीम एशिया की एकमात्र नौ-विमान एरोबैटिक टीम है।
- विमान: टीम लाल-सफेद रंग के Hawk Mk-132 जेट विमानों का उपयोग करती है।
- जयपुर कनेक्शन: गर्व की बात यह है कि टीम के तीन पायलट—विंग कमांडर राजेश काजला, विंग कमांडर अंकित वशिष्ठ और स्क्वाड्रन लीडर संजेश सिंह—जयपुर से ही ताल्लुक रखते हैं।
- स्वदेशी तकनीक: विमानों में अब नासिक में विकसित स्वदेशी स्मोक पॉड्स का उपयोग किया जा रहा है, जो आकाश में तिरंगे की छटा बिखेरेंगे।
सारंग: आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक

सारंग टीम अपनी सटीक सामूहिक उड़ान और रंग-बिरंगे हेलीकॉप्टरों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।
- हेलीकॉप्टर: यह टीम स्वदेशी ‘ध्रुव’ हेलीकॉप्टर का संचालन करती है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने बनाया है।
- प्रदर्शन: अब तक यह टीम 1200 से अधिक प्रदर्शन कर चुकी है। 22 फरवरी को जल महल के ऊपर पांच हेलीकॉप्टरों का भव्य प्रदर्शन होगा।
इन दोनों ही टीमों का आदर्श वाक्य “सदैव सर्वोत्कृष्ट” है, जो युवाओं को निरंतर उत्कृष्टता की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
