जयपुर | गुलाबी नगरी के गौरव में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ने जा रहा है। सीतापुरा के औद्योगिक क्षेत्र में जयपुर जेम एंड ज्वेलरी बोर्स (JJB) के रूप में एक ऐसा वर्ल्ड क्लास ट्रेडिंग हब आकार ले रहा है, जो न केवल व्यापार बल्कि स्थापत्य कला का भी बेजोड़ नमूना होगा। ‘एक्सपोज नाउ’ लाया है इस मेगा प्रोजेक्ट की एक-एक बारीकी आपके लिए।
1. विशालकाय प्रोजेक्ट का खाका (The Infrastructure)
यह प्रोजेक्ट केवल एक बिल्डिंग नहीं, बल्कि अपने आप में एक ‘मिनी-सिटी’ की तरह होगा।
- क्षेत्रफल: यह पूरा हब 43,828 स्क्वायर मीटर के विशाल भूखंड पर फैला होगा।
- बिल्ट-अप एरिया: इसमें करीब 35 लाख स्क्वायर मीटर का निर्माण किया जाएगा, जिसमें नेशनल और इंटरनेशनल ट्रेडर्स के लिए 2000 आधुनिक ऑफिस बनकर तैयार होंगे।
- ऊंचाई और विस्तार: यह प्रोजेक्ट G+14 (14 मंजिला) होगा, जिसमें 3 लेवल के बेसमेंट भी शामिल होंगे।
2. वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं: एक ही छत के नीचे सब कुछ
व्यापारियों को अब अलग-अलग कामों के लिए शहर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस बोर्स के अंदर ही एक ‘ईको-सिस्टम’ तैयार किया जाएगा:
- बैंकिंग और फाइनेंस: बिल्डिंग के अंदर ही बैंकों के ऑफिस और फॉरेन एक्सचेंज (विदेशी मुद्रा विनिमय) की सुविधा उपलब्ध होगी।
- कस्टम क्लीयरेंस: अंतरराष्ट्रीय व्यापार को आसान बनाने के लिए परिसर में ही कस्टम का ऑफिस और स्कैनिंग सुविधाएं होंगी।
- सुरक्षा चक्र: कीमती रत्नों की सुरक्षा के लिए यहाँ 3 टियर सिक्योरिटी सिस्टम लगाया जाएगा, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा।
- लॉजिस्टिक्स: बिल्डिंग के भीतर ही स्ट्रॉन्ग रूम/लॉकर सुविधा, एंट्री/एग्जिट पॉइंट्स पर हाई-टेक स्कैनिंग और सेफ कस्टडी की व्यवस्था होगी।
3. कनेक्टिविटी और लोकेशन (The Strategic Location)
सीतापुरा स्थित यह साइट व्यापारिक दृष्टिकोण से बेहद रणनीतिक स्थान पर है:
- एयरपोर्ट: जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इसकी दूरी महज 10 किलोमीटर है।
- मेट्रो और रिंग रोड: प्रस्तावित सीतापुरा मेट्रो स्टेशन के बिल्कुल पास होने के साथ-साथ यह रिंग रोड से भी सीधी कनेक्टिविटी रखता है।
- पार्किंग: यहाँ भारी भीड़ को संभालने के लिए 3000 कार पार्किंग और 4000 टू-व्हीलर पार्किंग की क्षमता विकसित की जा रही है।
4. आर्थिक क्रांति और रोजगार (Economic Impact)
‘एक्सपोज नाउ’ की रिसर्च के अनुसार, यह प्रोजेक्ट राजस्थान की जीडीपी में बड़ा उछाल लाएगा:
- एक्सपोर्ट: जयपुर से वर्तमान में होने वाले 17,500 करोड़ रुपये के जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट को यह कई गुना बढ़ा देगा।
- रोजगार: इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है।
- फुटफॉल: अनुमान है कि यहाँ प्रतिदिन 15,000 से 20,000 लोगों का आवागमन होगा, जिससे होटल और सर्विस सेक्टर को भी बड़ा फायदा होगा।
5. समय सीमा (The Deadline)
प्रोजेक्ट को दो चरणों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है:
- स्ट्रक्चर: 18 महीने के भीतर बिल्डिंग का ढांचा (Structure) खड़ा कर दिया जाएगा।
- पूर्ण रूप: 30 महीने (यानी साल 2028 तक) में यह प्रोजेक्ट पूरी तरह बनकर तैयार और क्रियाशील हो जाएगा।
