क्या आप जो दवा खा रहे हैं, वह आपको ठीक कर रही है या आपकी सेहत के लिए खतरा बन रही है? इस गंभीर सवाल के बीच जयपुर स्थित खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय (FSDA) ने बड़ा खुलासा किया है। विभागीय जांच में 4 नामी कंपनियों की दवाओं और एक कॉस्मेटिक उत्पाद को अमानक (Substandard) घोषित किया गया है।
आयुक्तालय ने इन उत्पादों के उपयोग को लेकर सख्त चेतावनी जारी करते हुए संबंधित बैच को तुरंत बाजार से हटाने के निर्देश दिए हैं।
जांच में फेल हुई रोजमर्रा की अहम दवाएं
FSDA की जांच में सामने आया कि कई ऐसी दवाएं, जो आमतौर पर गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होती हैं, गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरीं।
1. संक्रमण की दवा (Antibiotic) अमानक
दवा: एमोक्सिसिलिन, पोटेशियम क्लैवुलनेट और लैक्टिक एसिड बैसिलस टैबलेट
उपयोग: श्वसन तंत्र, कान-नाक-गला और मूत्र संक्रमण (UTI) के इलाज में
कंपनी: Bionil Healthcare
खतरा: अमानक गुणवत्ता के कारण यह दवा संक्रमण को पूरी तरह खत्म करने में असफल हो सकती है, जिससे मरीज की स्थिति और बिगड़ सकती है।
2. उल्टी रोकने की दवा (Anti-emetic) फेल
दवा: ओंडांसेट्रॉन ओरली डिसइंटीग्रेटिंग टैबलेट (8 mg)
उपयोग: कीमोथेरेपी, रेडिएशन और सर्जरी के बाद मतली व उल्टी रोकने में
कंपनी: Athens Life Science
3. दर्द और सूजन की दवा (Painkiller) अमानक
दवा: डिक्लोफेनाक सोडियम, पैरासिटामोल और क्लोरज़ोक्साज़ोन टैबलेट
उपयोग: मांसपेशियों, हड्डियों के दर्द और ऐंठन में
कंपनी: Akums Drugs
4. कॉस्मेटिक उत्पाद में मिलावट
उत्पाद: मेहंदी कोन (अमर सुहाग)
कंपनी: Gopal Krishna and Company
गड़बड़ी: जांच में मेहंदी में हानिकारक रसायनों की मिलावट पाई गई है, जो त्वचा के लिए गंभीर नुकसानदायक हो सकती है।
FSDA की सख्त कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने आदेश जारी कर इन सभी उत्पादों के संबंधित बैच को बाजार से तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही दवा विक्रेताओं को चेतावनी दी गई है कि यदि इन उत्पादों की बिक्री जारी रही, तो उनके लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं।
Expose Now की अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
- दवा खरीदते समय हमेशा बैच नंबर और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें
- केवल विश्वसनीय मेडिकल स्टोर से ही दवाएं खरीदें
- अगर आप इन दवाओं का उपयोग कर रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- किसी भी संदिग्ध दवा के सेवन से बचें
स्वास्थ्य के साथ समझौता नहीं
यह मामला एक बार फिर दवा गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित जांच और सख्त कार्रवाई ही मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।
स्वास्थ्य से जुड़ी ऐसी लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
