जयपुर ऑडी कांड: मौज-मस्ती बनी ‘मौत का तांडव’, पुलिस का ऐतिहासिक एक्शन—पहली बार गाड़ी में बैठे दोस्तों को भी भेजा जेल

जयपुर, राजधानी जयपुर के मानसरोवर इलाके में हुए दर्दनाक ऑडी कार हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। नशे और रफ्तार के इस घातक कॉकटेल ने जहाँ एक युवक की जान ले ली और 11 लोगों को अस्पताल पहुँचा दिया, वहीं जयपुर पुलिस ने इस मामले में एक ऐसी नजीर पेश की है जो देशभर के लिए मिसाल बनेगी। पुलिस ने पहली बार सिर्फ चालक ही नहीं, बल्कि कार में बैठकर लापरवाही को बढ़ावा देने और अपराधी को भगाने वाले 7 दोस्तों को भी सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।

ओवरस्पीड और नशा: 120 की रफ्तार से बरपा कहर

मानसरोवर के खरबास सर्किल पर हुई यह घटना महज एक ‘हादसा’ नहीं बल्कि एक संगठित अपराध थी। जांच में सामने आया कि ऑडी कार करीब 120 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ रही थी। नशे में धुत सोलर कारोबारी दिनेश रणवा ने कार पर नियंत्रण खोया और डिवाइडर को चीरते हुए गाड़ी ठेलों और राहगीरों में जा घुसी।

जयपुर पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक: कांस्टेबल और डॉक्टर भी गिरफ्तार

पत्रकार कॉलोनी थाना पुलिस ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए उन 7 लोगों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने नशे में गाड़ी चलाने से चालक को रोका नहीं और हादसे के बाद उसे छिपाने में मदद की।

गिरफ्तार आरोपियों की फेहरिस्त:

  1. मुकेश रणवां (कांस्टेबल): निर्भया स्क्वॉड में तैनात होकर भी कानून तोड़ा और पुलिस लाइन भाग गया।
  2. डॉ. अशोक मीणा: पेशे से डॉक्टर, लेकिन घायलों की मदद के बजाय आरोपी को भगाने में जुटे।
  3. नितिन: सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का कर्मचारी।
  4. पप्पू चौधरी: प्रॉपर्टी कारोबारी, जो कार में साथ था।
  5. सुमित कुमार: दिनेश की कंपनी का कर्मचारी।
  6. भागचंद: अपने घर में आरोपी को पनाह दी।
  7. शिवराज: भागचंद का भाई, जिसने आरोपी को इधर-उधर छुपाया।

इंसानियत शर्मसार: घायलों को तड़पता छोड़ रची भगाने की साजिश

हादसे के बाद जहाँ सड़क पर लोग खून से लथपथ होकर जिंदगी की भीख मांग रहे थे, कार में बैठे ये “तथाकथित दोस्त” अपनी जिम्मेदारी भूलकर साजिश रच रहे थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने 8 घंटे तक कार में शराब पार्टी की थी। हादसे के बाद पुलिस को सूचना देने के बजाय मुख्य आरोपी दिनेश को अलग-अलग फ्लैट्स में छिपाया गया।

पुलिस का सख्त संदेश: “सहभागिता भी अपराध है”

जयपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की गंभीर धाराओं (105, 115(2), 110, 238) के तहत केस दर्ज किया है। इसमें गैर-इरादतन हत्या, सबूत मिटाना और अपराधी को शरण देना शामिल है। पुलिस की यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश है:

“अगर आप नशे में धुत्त चालक के बगल में बैठकर मौज मना रहे हैं, तो आप भी उस अपराध के बराबर के भागीदार हैं।”

मुख्य आरोपी अब भी दूर, दबिश जारी

हादसे का मुख्य आरोपी दिनेश रणवा अभी भी फरार है। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि कानून के शिकंजे से वह ज्यादा दिन दूर नहीं रह पाएगा।

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