जयपुर: विवाह के नाम पर ठगी और मानव तस्करी करने वाले एक संगठित गिरोह के खिलाफ पुलिस मुख्यालय की सीआईडी (CID) अपराध शाखा ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। टीम ने पिछले दो साल से फरार चल रहे और 10,000 रुपये के इनामी मुख्य आरोपी भंवरलाल शर्मा को जयपुर के भांकरोटा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को अग्रिम कार्रवाई के लिए बालोतरा जिले की गिड़ा थाना पुलिस के सुपुर्द किया गया है।
गरीब युवतियों की सौदेबाजी और ठगी का खेल
अनुसंधान में खुलासा हुआ है कि भंवरलाल शर्मा का नेटवर्क पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों में फैला हुआ था।
- टारगेट: गिरोह इन राज्यों से गरीब युवतियों को काम या शादी का झांसा देकर राजस्थान लाता था।
- सौदेबाजी: इन लड़कियों को पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में उन युवकों को ऊँची कीमतों पर बेचा जाता था जिनकी शादियां नहीं हो रही थीं।
- ब्लैकमेलिंग: शादी के कुछ समय बाद गिरोह पीड़ितों को झूठे कानूनी मुकदमों और बलात्कार के केस में फंसाने की धमकी देकर दोबारा अवैध वसूली करता था।
सीआईडी टीम का गुप्त ऑपरेशन
पुलिस अधीक्षक (अपराध शाखा) ज्येष्ठा मैत्रयी के सुपरविजन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी निगरानी और पुख्ता सूचना के आधार पर भांकरोटा के जयसिंहपुरा इलाके में दबिश दी। इस कार्रवाई में सब इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार शर्मा, एएसआई शंकर दयाल और हेड कांस्टेबल कुलदीप सिंह की मुख्य भूमिका रही।
2005 से सक्रिय है शातिर अपराधी
गिरफ्तार आरोपी भंवरलाल शर्मा का आपराधिक इतिहास काफी पुराना और गंभीर है।
- पुराना रिकॉर्ड: वर्ष 2005 से उसके खिलाफ जयपुर, अजमेर, केकड़ी और बालोतरा सहित कई जिलों में मामले दर्ज हैं।
- गंभीर धाराएं: उसके विरुद्ध अपहरण, धोखाधड़ी, दुष्कर्म, फिरौती के लिए धमकाने और आर्म्स एक्ट जैसी संगीन धाराओं के तहत प्रकरण लंबित हैं।
मामले का खुलासा: ₹2.5 लाख में ‘फर्जी शादी’
यह पूरा मामला तब सामने आया जब परिवादी मगाराम से 2,50,000 रुपये लेकर लिव-इन रिलेशनशिप का फर्जी समझौता कराया गया। बाद में अन्य युवकों से प्रति लड़की 3 लाख रुपये वसूलने का दबाव बनाया गया और मना करने पर जेल भिजवाने की धमकी दी गई。
