नई दिल्ली: देशभर में जनगणना (Census) की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस बार की जनगणना ऐतिहासिक होने वाली है क्योंकि देश में पहली बार डिजिटल जनगणना (Digital Census) की जा रही है। लेकिन इसके साथ ही सरकार ने सख्त नियम भी जारी किए हैं। अगर किसी नागरिक ने जानकारी देने से मना किया या गलत जानकारी दी, तो उसे जेल की हवा खानी पड़ सकती है।
कानूनी रूप से अनिवार्य है जानकारी देना
जनगणना में हिस्सा लेना और सही जानकारी देना हर नागरिक का कानूनी कर्तव्य है। ‘जनगणना अधिनियम 1948’ और ‘नियम 1990 की धारा 11 (1-11)’ के तहत सभी नागरिकों को जानकारी देना अनिवार्य किया गया है।
- सजा का प्रावधान: यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देता है या जानकारी देने से इनकार करता है, तो उसे 3 साल तक की कैद या 1000 रुपये का जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं।
दो चरणों में होगी जनगणना (Census Schedule) रिपोर्ट के मुताबिक, जनगणना का काम दो चरणों में पूरा किया जाएगा:
- पहला चरण: यह 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच अलग-अलग राज्यों में चलेगा।
- इसमें मकान के प्रकार (पक्का/कच्चा), पानी, बिजली, शौचालय जैसी सुविधाओं से जुड़े 33 सवाल पूछे जाएंगे।
कैसे होगी डिजिटल जनगणना? (The Process)
- मोबाइल ऐप से एंट्री: प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाकर मोबाइल ऐप के जरिए डेटा इकट्ठा करेंगे। यह डेटा ‘रियल टाइम’ में अपलोड किया जाएगा। जिन इलाकों में इंटरनेट नहीं है, वहां ऑफलाइन मोड में डेटा सेव होगा और बाद में अपलोड होगा।
- कर्मचारियों की तैनाती: हर 1000 लोगों पर एक सरकारी कर्मचारी (प्रगणक) तैनात रहेगा।
फर्जीवाड़े से कैसे बचें? (Identification) जनगणना करने आने वाले कर्मचारी असली हैं या नहीं, इसकी पहचान के लिए उन्हें संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार द्वारा जारी आईडी कार्ड दिया जाएगा। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे आईडी कार्ड चेक करने के बाद ही जानकारी साझा करें।
डेटा सुरक्षा की गारंटी सरकार ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। आपकी निजी जानकारी किसी भी अन्य व्यक्ति या एजेंसी के साथ साझा नहीं की जाएगी।
Key Highlights for Readers (Quick Summary)
- 🗓️ शुरुआत: 1 अप्रैल 2026 से (पहला चरण)।
- 📱 तरीका: पूरी तरह डिजिटल (मोबाइल ऐप के जरिए)।
- ⚠️ चेतावनी: गलत जानकारी देने पर 3 साल की जेल।
- 🏠 सवाल: घर, पानी, बिजली समेत 33 तरह की जानकारियां मांगी जाएंगी।
- 🆔 पहचान: आने वाले कर्मचारी के पास तहसीलदार द्वारा जारी ID कार्ड होगा।
