जयपुर, जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) में अध्यात्मिक गुरु और लेखक गौर गोपाल दास ने अपनी नई पुस्तक ‘You Can Have It All: Unlock the Secrets to a Great Life’ पर चर्चा की। राजस्थान पत्रिका द्वारा आयोजित इस विशेष सत्र में उन्होंने जीवन की जटिलताओं को बेहद सरल और मजाकिया अंदाज में दर्शकों के सामने रखा।
जिंदगी का बोझ उतारना जरूरी
सत्र की शुरुआत करते हुए गौर गोपाल दास ने एक गहरा विचार साझा किया। उन्होंने कहा, “लोग अक्सर मौत को बेवजह बदनाम करते हैं, जबकि असली तकलीफ तो जिंदगी से होती है।” उन्होंने समझाया कि यह तकलीफ अक्सर उस ‘बोझ’ की वजह से होती है जिसे हम अपने मन में दबाए रखते हैं। उन्होंने श्रोताओं से सवाल किया कि आज वे अपनी जिंदगी का कौन-सा बोझ नीचे रखने को तैयार हैं, क्योंकि जब तक बोझ नहीं उतरेगा, आगे का सफर आसान नहीं होगा।
रिश्तों का पैटर्न परिवार से मिलता है
रिश्तों की अहमियत पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी पर्सनैलिटी में रिश्तों से बढ़कर कुछ नहीं है। उन्होंने बताया कि किसी को माफ करना, प्यार करना, गुस्सा होना या सलाह देना—ये तमाम व्यवहार हमें हमारे परिवार से विरासत में मिलते हैं। यही पारिवारिक कहानियाँ हमें जीवन में ‘रेड फ्लैग’ (Red Flag) और ‘ग्रीन फ्लैग’ (Green Flag) की पहचान करना सिखाती हैं।
जेन-जी (Gen-Z) और सोशल मीडिया का अकेलापन
अपनी किताब को विशेष रूप से युवा पीढ़ी (Gen-Z) के लिए समर्पित बताते हुए गौर गोपाल दास ने कहा कि आज के दौर में लोग सेल्फी तो पूरी दुनिया को दिखा देते हैं, लेकिन दिल की बात कहने के लिए कोई अपना नहीं मिलता। उन्होंने कहा:
“पैसा और सफलता सब धरे रह जाएंगे अगर आप अकेले रह गए। कोई तो ऐसा होना चाहिए जिससे आप अपनी कहानी साझा कर सकें। हमारी सबसे बड़ी समस्या यह है कि हम बताते नहीं हैं और दूसरी यह कि सामने वाला पूछता नहीं है।”
सच्ची खुशी की कुंजी
उन्होंने ‘You Can Have It All’ का अर्थ समझाते हुए कहा कि इसका मतलब यह नहीं कि आपके पास सब कुछ हो, बल्कि यह है कि आप अपनी जिंदगी के किसी एक महत्वपूर्ण पहलू को चुनें, उसे समझें और रोज उस पर काम करें। तभी धीरे-धीरे समझ आएगा कि असली खुशी किस चीज में है।
