दौसा: दौसा के श्यालावास केंद्रीय कारागार में आज उस समय हड़कंप मच गया जब जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशाल टीम ने जेल परिसर में अचानक प्रवेश किया। राज्य सरकार के गृह विभाग के निर्देशों के तहत जेलों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के उद्देश्य से यह सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
कलक्टर-एसपी ने संभाली कमान, अत्याधुनिक उपकरणों से तलाशी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई दौसा जिला कलक्टर देवेंद्र कुमार तथा दौसा पुलिस अधीक्षक सागर राणा के सीधे नेतृत्व में की गई। आज 16 मार्च को दोपहर करीब एक बजे शुरू हुआ यह अभियान तीन बजे तक चला। इस दौरान जेल में बंद सभी बंदियों के बैरकों, वार्डों, और कोठरियों की अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से गहन तलाशी ली गई। तलाशी दल ने कारागार परिसर के हर कोने को बारीकी से खंगाला।
भारी पुलिस जाब्ता रहा तैनात
इस सघन तलाशी अभियान में प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों सहित लगभग 100 से अधिक कर्मियों ने भाग लिया। टीम में अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा, नांगल राजावतान उपखंड अधिकारी यशवंत मीणा, नांगल राजावतान वृत्त पुलिस उप अधीक्षक दीपक मीणा, और नांगल राजावतान तहसीलदार नवल किशोर शर्मा शामिल थे। इसके अलावा लवाण, राहुवास, नांगल राजावतान एवं पापड़दा थानों के थानाधिकारी (S.H.O.) सहित लगभग 80 पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
नतीजा: केवल एक ब्लूटूथ कनेक्टर मिला
दो घंटे तक चले इस व्यापक तलाशी अभियान के अंत में टीम को जेल मैन्युअल के अनुसार प्रतिबंधित सामग्री के नाम पर सिर्फ एक ब्लूटूथ कनेक्टर बरामद हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, बाकी पूरी जेल में किसी भी प्रकार की कोई अन्य आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली है।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान जेल प्रशासन की ओर से जेलर रामचन्द्र, मुख्य प्रहरी जीवराज सिंह, ओम प्रकाश शर्मा तथा श्रीमान ओम प्रकाश लेगा ने प्रशासन एवं पुलिस टीम का पूरा सहयोग किया।
