राजस्थान के करौली जिले का कटकड गांव रविवार को न केवल वैवाहिक मंगल गीतों से गूंजा, बल्कि प्रदेश की राजनीति का केंद्र भी बना रहा। पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना के पुत्र के विवाह समारोह के अवसर पर कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा लगा, जिसे राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस के ‘सियासी दरबार’ के रूप में देखा जा रहा है। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एक साथ शिरकत कर कार्यकर्ताओं को एकजुटता का कड़ा संदेश दिया।
वरिष्ठ नेता भरोसी लाल जाटव से मिले गहलोत

शादी समारोह में शामिल होने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हिंडौन सिटी पहुंचे। यहाँ उन्होंने हिंडौन के चार बार के विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भरोसी लाल जाटव के आवास पर जाकर उनकी कुशलक्षेम पूछी। गहलोत ने जाटव से गर्मजोशी से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य व परिवार के बारे में जानकारी ली।
इस शिष्टाचार भेंट के दौरान उनके साथ नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव, जिला अध्यक्ष घनश्याम महर और विधायक रफीक खान सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। स्थानीय कार्यकर्ताओं ने साफा बांधकर और मालाएं पहनाकर सभी नेताओं का भव्य स्वागत किया।
सचिन पायलट का जोरदार स्वागत

वहीं, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट भी इस वैवाहिक समारोह में शामिल होने कटकड गांव पहुंचे। रास्ते में जगह-जगह कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पायलट का फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया। उनके साथ हिंडौन विधायक अनिता जाटव और महवा विधायक राजेंद्र मीना भी मौजूद रहे। पायलट की मौजूदगी ने युवाओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह भर दिया।
सियासी मायने और एकजुटता का संदेश
भले ही यह एक पारिवारिक आयोजन था, लेकिन एक ही मंच पर गहलोत, पायलट और जूली की उपस्थिति ने राजस्थान कांग्रेस में ‘ऑल इज वेल’ का संदेश देने की कोशिश की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों और सांगठनिक मजबूती के लिहाज से दिग्गजों का यह मिलन कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करेगा।
“वरिष्ठ नेताओं का एक साथ आना पार्टी की मजबूती का प्रतीक है। हम सभी एकजुट होकर जनता के मुद्दों की लड़ाई लड़ रहे हैं।” — (समारोह के दौरान एक वरिष्ठ नेता का बयान)
