असम विधानसभा का ऐतिहासिक दिन: CM हिमंत बिस्वा शर्मा ने AI सिस्टम ‘ALISA’ का उद्घाटन; 100 साल का इतिहास अब एक क्लिक पर

मुख्यमंत्री बोले- डिजिटल इनोवेशन में असम बना लीडर; तकनीकी उद्यमी सुमन शेखर के 'विजन' से 5 लाख पुराने पन्ने हुए ऑनलाइन

By Admin

गुवाहाटी/दिसपुर | असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा शर्मा ने सोमवार को राज्य के विधायी इतिहास में एक नए युग की शुरुआत की। उन्होंने असम विधानसभा में देश के अपनी तरह के पहले और सबसे आधुनिक ‘ALISA’ (AI for Legislative Intelligence System of Assam) का भव्य उद्घाटन किया। इस क्रांतिकारी सिस्टम के जरिए मुख्यमंत्री ने 1937 से लेकर अब तक के करीब एक सदी पुराने विधायी रिकॉर्ड्स को डिजिटल दुनिया से जोड़ दिया है।

‘ALISA’ (AI for Legislative Intelligence System of Assam)

CM हिमंत का विजन: तकनीक से सुगम होगा प्रशासन

उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा शर्मा ने कहा कि यह केवल एक सॉफ्टवेयर लॉन्च नहीं है, बल्कि यह असम की गौरवशाली विरासत को भविष्य की तकनीक से जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने कहा,

“ALISA के माध्यम से हम पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक बड़ी छलांग लगा रहे हैं। अब विधायक, शोधकर्ता और आम जनता 1937 से लेकर आज तक के किसी भी कानून, बहस या निर्णय को सेकंडों में अपनी मातृभाषा में देख सकेंगे।”

CM हिमंत बिस्वा शर्मा ने AI सिस्टम ‘ALISA’ का उद्घाटन

सुमन शेखर की तकनीक ने किया कमाल

इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने में गुरुग्राम स्थित युवा तकनीकी उद्यमी सुमन शेखर की अहम भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने सुमन शेखर की सराहना करते हुए कहा कि उनके जैसे युवाओं के नवाचार (Innovation) के कारण ही असम आज एआई और डिजिटल क्षेत्र में उत्तर-पूर्व का नेतृत्व कर रहा है। सुमन शेखर ने अपनी टीम के साथ मिलकर OCR और RAG (Retrieval-Augmented Generation) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग कर पुराने, क्षतिग्रस्त और धुंधले दस्तावेजों को भी पढ़ने योग्य बनाया है।

युवा तकनीकी उद्यमी सुमन शेखर

क्या है ALISA? (असम की नई डिजिटल शक्ति)

  • इतिहास की डिजिटल लाइब्रेरी: 1937 (जब राजधानी शिलांग थी) से लेकर अब तक के 5 लाख से अधिक पन्ने डिजिटाइज किए गए हैं।
  • बहुभाषी सुविधा: मुख्यमंत्री ने बताया कि यह सिस्टम असमिया, बोडो, हिंदी और अंग्रेजी में काम करेगा, जिससे भाषा की दीवार टूट जाएगी।
  • इंस्टेंट एनालिसिस: किसी भी नेता का पूरा कच्चा- चिट्ठा, पुराने बिल और बहसों का तुलनात्मक अध्ययन अब पलक झपकते ही संभव होगा।

तकनीक के साथ भावनाओं का जुड़ाव

इस मौके पर प्रोजेक्ट के आर्किटेक्ट सुमन शेखर ने कहा, “ALISA सिर्फ कोडिंग नहीं है, यह असम की संस्कृति और इतिहास को सहेजने का एक भावनात्मक मिशन था, जिसे मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में पूरा किया गया है।”

Share This Article
Leave a Comment