जयपुर, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेश में पशुपालन और पशु चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया गया। शनिवार को राज्य के 41 जिलों में एक साथ 1,017 पशु चिकित्सा संस्थानों का सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिला कलेक्टर्स सहित प्रशासन के आला अधिकारियों ने धरातल पर पहुंचकर दवाओं की उपलब्धता, स्टाफ की उपस्थिति और बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण का रिपोर्ट कार्ड: कहां-कहां हुई जांच?
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, प्रशासन ने पशु चिकित्सा के हर स्तर के केंद्रों की समीक्षा की। निरीक्षण किए गए 1017 संस्थानों का विवरण इस प्रकार है:
- पॉलीक्लिनीक: 68
- प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय: 246
- सामान्य पशु चिकित्सालय: 299
- ब्लॉक वेटनरी हेल्थ ऑफिस (BVHO): 83
- पशु चिकित्सा उप-केंद्र: 321
निरीक्षण के दौरान मुख्य फोकस
अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान केवल फाइलों की जांच नहीं की, बल्कि वास्तविक व्यवस्थाओं का आकलन किया:
- दवाओं की उपलब्धता: यह सुनिश्चित किया गया कि सरकार द्वारा दी जाने वाली निःशुल्क दवाएं और टीके पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं या नहीं।
- स्टाफ की उपस्थिति: पशु चिकित्सकों और सहायक स्टाफ की ड्यूटी पर मौजूदगी की समीक्षा की गई।
- साफ-सफाई और रिकॉर्ड: संस्थानों में स्वच्छता के स्तर और रिकॉर्ड संधारण (Record Keeping) की बारीकी से जांच की गई।
- मंगला पशु बीमा योजना: मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत अधिकारियों ने लगभग एक हजार पशुपालकों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं व सुझावों को सुना।
पशुपालकों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पशुपालन राजस्थान की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए चिकित्सा सेवाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जहां भी कमियां पाई गईं, वहां अधिकारियों को तुरंत सुधार के निर्देश दिए गए।
उल्लेखनीय तथ्य: इससे पहले 25 जनवरी को भी मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेशभर के मानव चिकित्सा संस्थानों (अस्पतालों) का औचक निरीक्षण किया गया था। अब पशु चिकित्सा सेवाओं पर सरकार का यह कड़ा रुख प्रदेश के पशुपालकों के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु (Table)
| निरीक्षण का विषय | शामिल अधिकारी | जांच के मुख्य क्षेत्र |
| प्रशासनिक सतर्कता | जिला कलेक्टर, ADM, SDM, तहसीलदार | स्टाफ उपस्थिति, उपकरण और भवन की स्थिति |
| पशु सेवा गुणवत्ता | विकास अधिकारी (BDO), CEO जिला परिषद | दवाओं का स्टॉक, टीकाकरण की दर |
| योजना क्रियान्वयन | विभागीय नोडल अधिकारी | मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का लाभ |
