डमी एडमिशन का खेल होगा खत्म: बीकानेर DEO ने 16 अप्रैल तक मांगी रिपोर्ट, नियमों के उल्लंघन पर छिन जाएगी स्कूलों की मान्यता

राजस्थान के बीकानेर जिले में नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे निजी स्कूलों के खिलाफ जिला शिक्षा विभाग ने मोर्चा खोल दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) किशनदान चारण ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों (CBEO) को जांच के निर्देश दिए हैं। विभाग अब ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्द करने की तैयारी में है जो बिना अनुमति के चल रहे हैं या डमी एडमिशन के खेल में शामिल हैं।

बिना मान्यता और अवैध कक्षाओं पर प्रहार

शिक्षा विभाग को शिकायतें मिली हैं कि जिले में कई निजी स्कूल बिना किसी विभागीय मान्यता के धड़ल्ले से चल रहे हैं। इतना ही नहीं, कई स्कूल अपनी स्वीकृत कक्षाओं से ऊपर की कक्षाओं (जैसे 8वीं तक की मान्यता पर 10वीं या 12वीं चलाना) में भी अवैध रूप से प्रवेश दे रहे हैं। इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए विभाग ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित करने के आदेश दिए हैं।

क्या है ‘डमी एडमिशन’ का मामला?

जांच का मुख्य केंद्र ‘डमी स्टूडेंट्स’ का मुद्दा है। अधिकारी ने बताया कि:

  • निजी स्कूल कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को डमी एडमिशन दे रहे हैं।
  • इन छात्रों को सुबह की शिफ्ट में कोचिंग में पढ़ने के लिए छूट दी जाती है और स्कूल में केवल कागजी उपस्थिति दर्ज की जाती है।
  • कई स्कूल छात्रों का एडमिशन लेकर उन्हें अन्य स्कूलों में अवैध रूप से ट्रांसफर कर रहे हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि ऐसी गतिविधियां गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आती हैं। इन स्कूलों के खिलाफ राजस्थान गैर सरकारी शैक्षणिक संस्थान नियम 1993 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

16 अप्रैल तक का अल्टीमेटम

सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों की सघन जांच कर 16 अप्रैल तक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। जिन स्कूलों में डमी एडमिशन या बिना मान्यता के कक्षाएं चलती पाई जाएंगी, उनकी मान्यता समाप्त करने का प्रस्ताव सीधे माध्यमिक शिक्षा निदेशक को भेजा जाएगा। इस आदेश के बाद बीकानेर के निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है।

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