जयपुर: राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सोमवार को एक और बड़ी मछली को जाल में फंसाया है। एसीबी की अजमेर इकाई ने अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (AVVNL) के अधीक्षण अभियंता (Superintending Engineer – SE) बाबूलाल को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है.
क्या है पूरा मामला? एसीबी मुख्यालय को एक परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसकी फर्म को जारी किए गए वर्क ऑर्डर (Work Order) के भुगतान और अन्य प्रक्रियाओं को सुचारू करने के एवज में SE बाबूलाल द्वारा परेशान किया जा रहा है।
- डिमांड: आरोपी अधिकारी ने काम करने के बदले कुल 2 लाख 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी.
- सौदा: सत्यापन के दौरान आरोपी 2 लाख रुपये लेने पर सहमत हुआ.
रंगे हाथों गिरफ्तारी
शिकायत का सत्यापन 11 फरवरी 2026 को किया गया था। इसके बाद सोमवार (16 फरवरी) को जैसे ही आरोपी बाबूलाल ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50,000 रुपये लिए, एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया.
इन अधिकारियों ने की कार्रवाई यह कार्रवाई एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता और एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में हुई।
- सुपरविजन: पुलिस अधीक्षक (SP) एसीबी अजमेर, महावीर सिंह राणावत।
- नेतृत्व: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Addl. SP) वंदना भाटी।
- मौके पर कार्रवाई: पुलिस निरीक्षक मीरा बेनीवाल और उनकी टीम.
एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। इस कार्रवाई से बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है.
