राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की अलवर प्रथम टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गोविन्दगढ़ तहसील के तहसीलदार बसंत कुमार परसोया के लिए रिश्वत लेते हुए उनके दलाल रवि उर्फ रिंकू को 1,50,000 (1.50 Lakh) रुपये की घूस के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है । एसीबी ने तहसीलदार बसंत कुमार परसोया को भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आपराधिक षडयंत्र के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है ।
वसीयत के आधार पर ज़मीन नाम चढ़ाने का ‘सौदा’
यह पूरा मामला परिवादी राजकुमार की शिकायत से जुड़ा है, जिसकी मौसी ने मरने से पहले अपने हिस्से की ज़मीन की वसीयत उसके नाम कर दी थी । राजस्व रिकॉर्ड में नाम चढ़ाने के लिए जब परिवादी ने तहसील कार्यालय में आवेदन किया और एसडीएम (SDM) साहब के स्पष्ट आदेश (दिनांक 03.12.2025) भी पेश किए, तब भी तहसीलदार बसंत परसोया ने मामले को लटकाए रखा । आरोप है कि तहसीलदार ने परिवादी को दलाल रवि से मिलने के लिए कहा, जिसने इस काम के बदले 5,00,000 (5 Lakh) रुपये की मांग की, जिसे बातचीत के बाद 3,50,000 (3.50 Lakh) रुपये में तय किया गया ।
फार्म हाउस पर बिछाया जाल, व्हाट्सएप कॉल से खुली पोल
एसीबी ने 17 मार्च 2026 को जाल बिछाया । परिवादी रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 1,50,000 (1.50 Lakh) रुपये लेकर दलाल रवि के सिरमौर स्थित फार्म हाउस पर पहुँचा । दलाल ने पैसे लेकर अपनी मोटरसाइकिल के हैंडल पर लटके एक बैग में रखवा लिए । पैसे लेने के बाद दलाल ने तहसीलदार से व्हाट्सएप कॉल पर बात की और पुष्टि की कि काम हो गया है । संकेत मिलते ही एसीबी टीम ने मौके पर दबिश देकर दलाल को दबोच लिया ।
तहसील कार्यालय से तहसीलदार की गिरफ्तारी
दलाल की गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम तुरंत तहसील कार्यालय गोविन्दगढ़ पहुँची और तहसीलदार बसंत कुमार परसोया को उनके कक्ष से हिरासत में लिया । दलाल ने अधिकारियों के सामने स्वीकार किया कि उसने यह राशि तहसीलदार के कहने पर ही ली थी । एसीबी ने मौके पर तहसीलदार के स्टाफ से परिवादी के केस से जुड़ी मूल पत्रावली (प्रकरण संख्या 05/19.12.2025) भी बरामद की है । फिलहाल आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है ।
